महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद Congress में आत्ममंथन का दौर शुरू हो गया है। उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा का चुनाव होने वाला है।
Congress ने यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारी अभी से ही शुरू कर दी है। यूपी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव उनके लिए एक बड़ी चुनौती बन सकते हैं। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने आगामी दिल्ली चुनाव को अलग-अलग लड़ने का फैसला किया है। अगर यूपी में सीट बंटवारे पर सहमति नहीं बनती है तो यूपी में भी कांग्रेस और सपा अलग-अलग चुनाव लड़ सकती है।
यूपी एक बड़ा राज्य है और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव वहां के पूर्व मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं और वो किसी भी वजह से अपनी सीट नहीं छोड़ेंगे। अब एक सवाल यहां खड़ा होता है कि क्या इंडिया गठबंधन की दो प्रमुख पार्टियां यानी कांग्रेस और सपा अपनी अलग रणनीति के तहत यूपी के चुनावी मैदान में उतरेगी ? या गठबंधन के साथ ही चुनावी जंग में शामिल होगी।
Congress ने किया कमेटियों को भंग
Congress पार्टी के आलाकमान ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस में बड़े बदलाव करने की तैयारी शुरू कर दी है। हाल ही में यूपी कांग्रेस की सभी कमेटियां भंग कर दी गईं है। साथ ही आलाकमान संगठन में बदलाव करने के लिए कदम भी उठा रही है। खासकर, वो नेता और पदाधिकारी जो लोकसभा चुनाव में निष्क्रिय रहे उन्हें साइडलाइन करने की तैयारी की जा रही है। वहीं, पार्टी के सक्रिय युवा चेहरों को नई जिम्मेदारियां दी जाने वाली हैं।
साथ ही जिन पुराने पदाधिकारियों ने पार्टी के लिए अच्छा काम किया है, उन्हें भी नई जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। ये बदलाव आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को ध्यान में रखते हुए किए जा रहे हैं। चुनाव की तैयारी के लिए पार्टियां पहले से ही संगठनात्मक बदलाव करने में लगी हुई हैं। कांग्रेस भी अब अपनी चुनावी रणनीति को मजबूत करने के लिए संगठन को मजबूत करने के प्रयासों में जुटी हुई है।
नई कमेटी का किया जाएगा गठन- अजय राय
यूपी Congress के अध्यक्ष अजय राय के अनुसार, अगले दो से ढाई महीने में नई कमेटी का गठन किया जाएगा। नई कमेटी की जिम्मेदारी 2027 में होने वाली विधानसभा चुनाव को जीतना होगा। नई कमेटी के गठन का उद्देश्य कांग्रेस संगठन को पहले से ज्यादा मजबूत बनाना है।
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार पार्टी इस बार बूथ स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक संगठन को मजबूत करेगी ताकि आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी को फायदा हो सके। इसके साथ ही, पार्टी के भीतर चल रही खींचतान और असंतोष को खत्म करने के लिए भी यह बदलाव किए जाएंगे। कांग्रेस पार्टी चाहती है कि विधानसभा चुनाव में उसकी स्थिति मजबूत हो और वह एक प्रभावी विपक्षी दल के रूप में उभर कर सामने आए।
निष्क्रिय पदाधिकारियों की गई है पहचान
यूपी Congress के प्रभारी अविनाश पांडे के नेतृत्व में प्रदेश भर के जिलों और क्षेत्रों का दौरा किया गया है। जहां निष्क्रिय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की पहचान की गई है। इन दोनों नेताओं ने अपनी रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें निष्क्रिय पदाधिकारियों को बदलने की सिफारिश की गई है। पार्टी की रिपोर्ट में कई जिलों के अध्यक्षों की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए हैं।
पार्टी में सक्रियता को बढ़ावा देने और भविष्य के चुनावों में बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के लिए युवाओं को नई जिम्मेदारी दी जाएगी। पार्टी के युवा नेताओं को अब जिला और प्रदेश स्तर पर अहम जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी ताकि वो संगठन को और मजबूत कर सकें। यह कदम युवा कार्यकर्ताओं को प्रेरित करेगा और उन्हें पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों को जन-जन तक पहुंचाने में मदद करेगा।
अनुभवी नेताओं को पार्टी करेगी सम्मानित
इसके अलावा Congress अपने पुराने और अनुभवी नेताओं को भी सम्मानित कर उन्हें नई जिम्मेदारी देगी ताकि वो पार्टी के भीतर का संगठनात्मक ढांचा सुदृढ़ कर सकें। पार्टी की मंशा यह है कि अनुभवी नेताओं का मार्गदर्शन युवा नेताओं को मिले और एक नया नेतृत्व सामने आए जो पार्टी को मजबूती से चुनावी मैदान में उतार सके। 2027 में होने वाले चुनाव को लेकर पार्टी ने अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। कांग्रेस जानती है कि यूपी में उसकी स्थिति पहले जैसी नहीं रही है, यही वजह है कि पार्टी ने संगठनात्मक बदलाव की प्रक्रिया पर जोर दे रही है।
कुल मिलाकर यूपी Congress ने 2027 चुनाव की तैयारी के लिए बड़े बदलावों की दिशा में कदम उठाए हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी के लिए ये बदलाव कितने कारगर साबित होते है।


