Asaduddin Owaisi: दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए सभी 70 सीटों पर वोटिंग के बाद एग्जिट पोल सामने आगए हैं। सामने आए एग्जिट पोल में बीजेपी की सरकार बनती नजर आ रही हैं, जबकि आम आदमी पार्टी को नुकसान होता नजर आ रहा है। वहीं, इस बार के चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM भी किस्मत आजमा रही है। ओवैसी ने दिल्ली की दो सीटों पर अपने प्रत्याशी को चुनावी मैदान में उतारे हैं। इसके चलते दिल्ली के चुनावों में इन दोनों सीटों पर मुकाबला कड़ा हो गया है।
इस दिल्ली चुनाव में आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच ही माना जा रहा है। लेकिन AIMIM ने दिल्ली चुनाव में दो सेटों पर अपने उम्मीदवार उतारकर मामला थोड़ा टफ कर दिया। चुनाव आयोग के मुताबिक, ओखला विधानसभा सीट पर शाम 5 बजे तक के लगभग 52 फीसदी वोटिंग हुई है। जबकि मुस्तफाबाद में लगभग 67 प्रतिशत वोटिंग हुई है। वहीं, वोटिंग के तुरंत बाद एग्जिट पोल में जो रुझान सामने आए हैं उनमें दिल्ली में बीजेपी की सरकार बनती नजर आ रही है। वहीं आम आदमी पार्टी दूसरे नंबर पर है। इसके अलावा अगर कांग्रेस की बात करें तो इस चुनाव में अपना दमखम दिखाने के बाद भी पार्टी को फिर से नाकामयाबी मिलती नजर आ रही है। जबकि अन्य पार्टियों को एक भी सीट नहीं मिली है, इनमें AIMIM भी शामिल है।
Matrize Exit Poll में आम आदमी पार्टी को 32 से 37, बीजेपी को 35-40 और कांग्रेस 0-1 सीटें मिलने का अनुमान लगाया है। जबकि अन्य को 0 मिलती नजर आ रही है। इसके अलावा Chanakya एग्जिट पोल की मानें तो दिल्ली की 70 सीटों में से बीजेपी को 39-44 सीटें मिल सकती है। वहीं आम आदमी पार्टी को 25-28 सीटें और कांग्रेस को 2-3 सीटें मिल सकती है। इस एग्जिट पोल में भी अन्य को शून्य ही मिला है।
वहीं,पीपल इनसाइट के एग्जिट पोल के आंकड़ों को देखें तो आम आदमी पार्टी के खाते में 25 से 29 सीटें जाती दिख रही हैं। जबकि बीजेपी को 40 से 44 सीटें मिल सकती हैं। कांग्रेस 0 से 2 सीटें मिल सकती है। पोल डायरी के सर्वे की अगर मानें तो बीजेपी पूर्ण बहुमत की सरकार बनाती दिख रही है और पार्टी को 42 से 50 सीटें मिल सकती हैं। सत्ताधारी दल आम आदमी पार्टी (आप) को बड़ा झटका लग सकता है और उसे 18 से 25 सीटें मिलती दिख रही हैं। इसके अलावा कांग्रेस को 0 से 2 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। वहीं अन्य के खाते में एक सीट जा सकती है।
बता दें कि इस बार के दिल्ली चुनाव में ओवैसी ने अपनी पार्टी के टिकट पर ओखला सीट से दिल्ली हिंसा के आरोपी शिफाउर रहमान खान को अपना उम्मीदवार बनाया। वोटिंग से ठीक पहले कोर्ट ने उन्हें कैंपेनिंग करने के लिए 5 दिन की कस्टडी परोल पर रिहा भी किया। ऐसे में ये देखना दिलचस्प होगा कि ये मुकाबला किस ओर जाता है। ओखला के अलावा AIMIM ने मुस्तफाबाद सीट पर ताहिर हुसैन को चुनावी मैदान में उतारा है। ताहिर हुसैन भी दिल्ली दंगों के आरोपी हैं और वह पांच साल से जेल में बंद हैं। चुनाव प्रचार के लिए दाखिल जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने ताहिर हुसैन को 6 दिन की कस्टडी परोल दी थी। परोल के दौरान ताहिर को अपने घर जाने की इजाजत नहीं थी। वह हर शाम जेल वापस लौट जाते थे। परोल के दौरान उन्होंने ताबड़तोड़ चुनावी प्रचार किया।
यह दोनों सीट पिछले 2 चुनाव से आम आदमी पार्टी जीत रही थी। लेकिन इस बार ओवैसी की पार्टी ने 2 मजबूत प्रत्याशियों को उतार कर मुकाबले को रोमांचक बना दिया है। गौरतलब है कि मुस्तफाबाद दिल्ली में 2020 में हुए सांप्रदायिक हिंसा का केंद्र रहा था और यहां पर करीब 2.6 लाख वोटर्स रहते हैं जिसमें करीब 40 फीसदी मुसलमान तो करीब 60 फीसदी आबादी हिंदुओं की है। इसी तरह ओखला सीट भी मुस्लिम बहुल सीट है। यहां 50 फीसदी से अधिक मुस्लिम वोटर्स रहते हैं।


