उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक फर्जी अफवाह के कारण गोरखनाथ मंदिर (Gorakhnath Mandir) में महिलाओं की भीड़ इकट्ठा हो गई।
सोमवार को अचानक से गोरखनाथ मंदिर (Gorakhnath Mandir) में महिलाओं की भीड़ जुटने लगी। देखते ही देखते सैकड़ों की तादाद में महिलाएं जमा हो गईं। जब स्थिति हाथ से निकलने लगी तो पुलिस को मौके पर बुलाया गया।
गोरखपुर पुलिस ने महिलाओं का समझा-बुझा कर घर भेजने की कोशिश की। महिलाएं मंदिर छोड़ कर जाने को तैयार नहीं हुई। इस बीच मंदिर (Gorakhnath Mandir) में अफरातफरी का माहौल बन गया। महिलाए कर्ज माफी की अफवाह सुनकर मंदिर पहुंची थी। Gorakhnath Mandir आईं महिलाएं सीएम कैंप कार्यालय तक जाने की जिद करने लगी।
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक किसी ने अफवाह फैला दी कि माइक्रो फाइनेंस कंपनियों से ली गई 3 हजार रुपए तक की ऋणमाफी के लिए मंदिर में फॉर्म भरा जा रहा है। फॉर्म भरने की आखिरी तारीख आज है। कर्ज माफी का नाम सुनते ही संतकबीर नगर, कैम्पियरगंज, निचलौल, भटहट, धानी और आसपास के गांव से भारी संख्या में महिलाएं गोरखनाथ मंदिर पहुंच गईं।
मंदिर पहुंची महिलाओं ने कहा कि उन्होंने माइक्रो फाइनेंस कंपनियों से 500 से 3000 रुपए तक का लोन ले रखा है। महिलाओं ने दावा किया कि उनके गांव से रविवार को कुछ महिलाएं गोरखपुर आई थीं, उनका कर्ज माफ कर दिया गया है।
महिलाओं की भीड़ को गोरखनाथ पुलिस ने मंदिर के गेट पर ही रोक दिया। इसके कारण मंदिर के आसपास अफरातफरी मच गई। महिलाएं पुलिस से सीएम कैम्प तक ले जाने की जिद पर अड़ गई। बेकाबू भीड़ को देखते हुए पुलिस ने लाउडस्पीकर से अनाउंसमेंट भी की कि यहां कोई कर्ज माफी नहीं हो रही है, सभी लोग वापस घर लौट जाएं। फिर भी महिलाएं घर वापस नहीं गईं।
आखिरकार गोरखपुर के सीओ को मौके पर पहुंचना पड़ा। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस महिलाओं को समझा-बुझाकर वापस घर भेजने में सफल हुई। अब पुलिस जांच में जुटी है कि महिलाओं की फर्जी सूचना किसने दी।
पुलिस के अनुसार कर्ज माफी की अफवाह महराजगंज जिले से उठी थी। सीटी एसपी अभिनव त्यागी ने बताया कि महिलाओं को फर्जी सूचनाएं किसने दी है। इसकी जांच की जा रही है। अन्य जनपद से भी महिलाएं आई थीं, संबंधित जिले को भी सूचना दी गई है। अगर किसी ने जालसाजी की है तो केस दर्ज कर पुलिस कार्रवाई करेगी।


