बेंगलुरु पुलिस ने 38 साल के एक शख्स को चोरी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी चोरी करने के लिए कबूतरों (Pigeon) का इस्तेमाल करता था।
आरोपी का असली नाम मंजुनाथ है, लोग उसे “परिवाला मांजा” के नाम से भी जानते हैं। चोरी का आरोपी मंजुनाथ होसुर का निवासी है। लेकिन मूल रूप से वह बेंगलुरु के नागराथपेट का रहने वाला है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वह शहर में कम से कम 50 चोरी की घटनाओं का जिम्मेदार है।
मंजुनाथ का चोरी करने का तरीका थोड़ा अलग था। वह कबूतरों (Pigeon) की मदद से चोरी को अंजाम देता था। वह चोरी करने के लिए बहुमंजिला इमारत को निशाना बनाता था। एक बार जब उसको लक्ष्य दिख जाता तो वह इमारत के पास जाकर दो कबूतर को छोड़ देता था।
उसके पालतू कबूतर (Pigeon) उड़कर बिल्डिंग की छत पर चले जाते थे या फिर बालकनी में बैठ जाते थे। वह कबूतर पकड़ने के बहाने बिल्डिंग में घुस जाता था। अगर कोई व्यक्ति उससे पूछताछ करता तो वह बोल देता था कि वह अपना कबूतर (Pigeon) पकड़ने आया है।
बिल्डिंग में घुसने के बाद वह किसी भी लॉक दरवाजे को आयरन रॉड की मदद से तोड़ देता था। इसके बाद, वह अलमारियों और तिजोरियों को खोलकर सोने के गहने और नकदी लेकर चला जाता था। चोरी किए हुए सामानों को होसुर में बेचा करता था।
हालांकि, मंजुनाथ को पहले भी कई बार पुलिस ने गिरफ्तार कर चुकी है। लेकिन वह हर बार जमानत पर रिहा होकर फिर से चोरी करने लगता था। उसकी हाल की गिरफ्तारी से पुलिस को चार चोरी की घटना को सुलझाने में मदद मिली है।
बेंगलुरु पुलिस ने पुष्टि की है कि मंजुनाथ चोरी को अकेले अंजाम देता था। मंजुनाथ दिन के समय चोरी करता था जब घर के मालिक काम पर गए होते थे। उसकी गिरफ्तारी से पुलिस को क्षेत्र में हो रही चोरियों के मामले को सुलझाने में मदद मिलेगी। पुलिस ने उम्मीद जताई है कि मंजुनाथ के गिरफ्तारी के बाद चोरी का सामान भी बरामद किया जा सकेगा।


