बेंगलुरु में हुए महालक्ष्मी मर्डर केस (Mahalakshmi Murder Case) में एक के बाद एक नए खुलासे हो रहे हैं। इस हत्याकांड का मुख्य संदिग्ध आरोपी मुक्ति रंजन प्रताप राय बुधवार को ओडिशा के भद्रक जिले में मृत पाया गया है।
21 सितंबर को बेंगलुरु के एक घर में 26 वर्षीय महिला महालक्ष्मी की लाश मिली थी। उसके शरीर के 50 से ज्यादा टुकड़ों में काटा गया था। पुलिस सूत्रों ने बुधवार को इस बात की पुष्टि की कि महालक्ष्मी मर्डर केस (Mahalakshmi Murder Case) का मुख्य आरोपी ने ओडिशा में आत्महत्या कर ली है।
आपको बता दें कि मुक्तिरंजन महालक्ष्मी के साथ ही काम करता था। इस जघन्य हत्या के बाद से वह फरार था। कर्नाटक पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की थी और उसे पकड़ने के लिए चार टीम को ओडिशा भी भेजा गया था। हत्या करने के बाद मुक्तिरंजन कई दिनों तक पुलिस की गिरफ्तारी से बचता रहा और फिर अचानक गायब हो गया था।
मुक्तिरंजन रॉय के शव के पास एक सुसाइड नोट मिला है जिसमें उसने हत्या की बात स्वीकारा है। उसके शव के पास मिले नोट में कथित तौर पर मुक्ति रंजन और महालक्ष्मी (Mahalakshmi Murder Case) के बीच उसके आवास पर हुई तीखी बहस का भी जिक्र है।
टकराव तब बढ़ गया जब मुक्ति ने कथित तौर पर महालक्ष्मी के सिर पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। नोट में दोनों के बीच करीबी रिश्ते के बारे में भी बताया गया है।
रंजन का शव ओडिशा के भद्रक जिले में मिला है। पुलिस के अनुसार वह एक पेड़ पर फंदे से लटका हुआ पाया गया और दुशुरी पुलिस स्टेशन में आत्महत्या का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल से उसका बैग, लैपटॉप और मोबाइल फोन सहित कई निजी सामान बरामद किए हैं।
आपको बता दें कि महालक्ष्मी (Mahalakshmi Murder Case) बेंगलुरु के एक मॉल में काम करती थी। मुक्तिरंजन भी उसी स्टोर पर काम करता था। उसके कॉल रिकॉर्ड से पता चला कि वह रंजन के साथ लगातार बातचीत करती थी। जिसके बाद पुलिस ने रंजन को खोजने की कवायद शुरू कर दी।
सितंबर की शुरुआत से ही रंजन लापता हो गया था और उसका फोन भी बंद आ रहा था, जिससे उसके खिलाफ संदेह बढ़ गया। महालक्ष्मी (Mahalakshmi Murder Case) की हत्या ने पूरे देश को सदमे में डाल दिया था।
29 वर्षीय महालक्ष्मी का शव 21 सितंबर को उसके आवास में फ्रीज में पाया गया था। उसकी हत्या किसी धारदार हथियार से की गई थी। हालांकि पुलिस अभी तक हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार बरामद नहीं कर पाई है।


