आगामी दो महीने में दिल्ली में विधानसभा का चुनाव होने वाला है। चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी को आज बड़ा झटका लगा है। दिल्ली सरकार में परिवहन मंत्री Kailash Gahlot ने आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।
Kailash Gahlot ने आप संयोजक अरविंद केजरीवाल को एक पत्र लिखकर पार्टी और सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। कैलाश गहलोत ने शीश महल और यमुना की सफाई जैसे मुद्दों को लेकर नाराजगी जताई है।
केंद्र सरकार से लड़ने के कारण दिल्ली का विकास होता है प्रभावित- Kailash Gahlot
कैलाश गहलोत ने पत्र में लिखा कि उनके पास आम आदमी पार्टी छोड़ने के अलावा आज की स्थिति में कोई विकल्प नहीं है। इसलिए वे पार्टी और सरकार के सभी पदों से इस्तीफा दे रहे हैं। कैलाश गहलोत ने पत्र में आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार और आम आदमी पार्टी अपना समय केंद्र सरकार से लड़ने में ही बर्बाद करती रहती है।

कैलाश गहलोत ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी हर समय केंद्र की मोदी सरकार से आरोप-प्रत्यारोप में उलझी रहती है। इससे दिल्ली का विकास कार्य प्रभावित होता है। गहलोत ने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी की रुचि जनता से किए वादों को पूरा करने में नहीं है। पार्टी अपना समय केवल मोदी सरकार से वाद-विवाद करने में ही नष्ट करती रहती है। केंद्र सरकार से तालमेल न होने के कारण जनहित के कार्य नहीं हो पाते है। जनता को जो सुविधाएं प्रदान की जानी चाहिए, वह उसे नहीं मिल पाती है।
Kailash Gahlot ने यमुना के प्रदुषण का मुद्दा उठाया
गहलोत ने पत्र में यमुना की सफाई का मुद्दा भी उठाया है। उन्होंने कहा कि जनता से वादा करने के बावजूद दस साल में भी आम आदमी पार्टी की सरकार इस दिशा में कोई सार्थक कदम नहीं उठा सकी। दिल्ली में यमुना की हालत बद से बदतर हो गई है। दस सालों में प्रदूषण कम होने की बजाय बढ़ता ही गया है।
कैलाश गहलोत का कहना कि आम आदमी पार्टी जनता से किए वादे को पूरा नहीं कर सकी है। उन्होंने आगे लिखा कि पिछले विधानसभा चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री व आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने जनता से वादा किया था कि पांच साल में यमुना इतनी साफ हो जाएगी कि हम उसमें स्नान भी कर सकेंगे। लेकिन ऐसा नहीं किया जा सका। हमारी सरकार ऐसा करने में असफल रही है।
Kailash Gahlot ने शीश महल पर उठाया सवाल
कैलाश गहलोत ने केजरीवाल को लिखे पत्र में रिनोवेशन के नाम पर मुख्यमंत्री आवास को शीश महल का रूप देने पर भी एतराज जताया। उन्होंने लिखा कि सरकार बनाते समय हमने जनता से सादगी का वादा किया था। लेकिन सरकार में आते ही पार्टी का चाल, चरित्र व चेहरा ही बदल गया।
जनता की गाढ़ी कमाई के करोड़ों रुपये शीश महल पर खर्च कर दिए गए। जन धन का इस तरह दुरुपयोग उचित नहीं है। यह जनता के साथ मजाक है। इसी प्रकार गहलोत ने पत्र में कुछ और मुद्दों को उठाते हुए भरे मन से पार्टी को छोड़ने की बात कही है।


