उद्योगपति गौतम अदाणी (Gautam Adani) का ग्रुप दुनिया में एक बार फिर से चर्चा में है। अदाणी समूह की दो बड़ी कंपनियां ‘यूटिलिटीज फॉर नेट जीरो अलायंस’ यानी UNEZA में शामिल हो गई हैं।
मिली जानकारी के मुताबिक, अदाणी समूह (Adani Group) की दो कंपनियां – अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) और अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (AESL)- यूटिलिटीज फॉर नेट जीरो अलायंस (UNEZA) का हिस्सा बन गई हैं।
इसके साथ ही अदाणी समूह (Adani Group) UNEZA में शामिल होने वाली पहली भारतीय कंपनी बन गई है।
यूटिलिटीज फॉर नेट जीरो अलायंस (UNEZA) एक अंतरराष्ट्रीय पहल है। यह जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने और दुनिया भर में ग्रीन एनर्जी सॉल्यूशंस को बढ़ावा देने की दिशा में काम करता है।
UNEZA का गठन संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में COP 28 सम्मेलन के दौरान किया गया था। COP 28 यानी जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र के सम्मेलन (UN Climate Change Conference) का आयोजन 30 नवंबर से 13 दिसंबर तक दुबई में किया गया था।
2050 तक नेट ज़ीरो का लक्ष्य
AGEL स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा दक्षता पर ध्यान केंद्रित करेगा, जबकि AESL का लक्ष्य विश्वसनीय ग्रिड अवसंरचना विकसित करना है। दोनों कंपनियों ने 2050 तक शुद्ध शून्य उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है।
AGEL और AESL का लक्ष्य इस अलायंस (UNEZA) का हिस्सा बनकर ग्लोबल एनर्जी सुरक्षा का समर्थन करते हुए भारत में अक्षय ऊर्जा के उत्पादन में योगदान देना है।
इन कंपनियों का फोकस ग्रीन एनर्जी को ट्रांसमिट और डिस्ट्रिब्यूट करने के लिए विश्वसनीय ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण पर होगा जिसमें इस नेटवर्क को ग्लोबल एनर्जी ग्रिड से जोड़ने की योजना है।
यह अलायंस अक्षय ऊर्जा और विद्युतीकरण को बढ़ावा देने के लिए वैश्विक उपयोगिताओं को एकजुट भी करता है। UNEZA का हिस्सा बनने से अदाणी ग्रुप दुनियाभर में अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में एक अहम हिस्सेदार की भूमिका निभाएगा।
राजस्थान में सोलर पार्क
अदाणी ग्रुप (Adani Group) भारत की सबसे बड़ी ग्रीन एनर्जी कंपनी है। यह ग्रुप पहले से ही अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में खासतौर पर सौर और पवन ऊर्जा के क्षेत्र में प्रगति कर रहा है।
अदाणी ग्रुप (Adani Group) राजस्थान में दुनिया का सबसे बड़ा सौर पार्क (Solar Park) विकसित कर रहा है। जैसलमेर जिले में स्थित फतेहगढ़ सौर पार्क 9,981 एकड़ क्षेत्र में फैला होगा और इसकी कुल क्षमता 1,500 मेगावाट होगी।
अडानी ग्रीन एनर्जी (AGEL) ने 2030 तक अपने अक्षय ऊर्जा पोर्टफोलियो को मौजूदा परिचालन क्षमता 11.2 गीगावाट से बढ़ाकर 50 गीगावाट करने की योजना बनाई है। दूसरी तरफ अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस (AESL) ने 2030 तक थोक बिजली खरीद में अक्षय ऊर्जा की हिस्सेदारी को 70 फीसदी तक करने का लक्ष्य रखा है।


