भारत और चीन (India-China) के बीच लंबे समय से LAC पर चल रहा विवाद सुलझता हुआ नजर आ रहा है।
सोमवार को विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया कि दोनों देशों के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर फिर से गश्त शुरू करने के लिए सहमति बन गई है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि पिछले कई हफ्तों से भारत और चीन के बीच राजनयिक और सैन्य स्तर पर वार्ता चल रही थी। उन्होंने कहा कि चीन के साथ पेट्रोलिंग करने को लेकर समझौता हुआ है।
यह घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रूस यात्रा से ठीक पहले की गई है। पीएम मोदी 16वें BRICS शिखर सम्मेलन में भाग लेने जा रहे हैं। BRICS सम्मेलन में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पीएम मोदी के बीच बातचीत होने की संभावना जताई जा रही है।
LAC पर पेट्रोलिंग करने पर बनी सहमति- विदेश सचिव
सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि हम अभी भी समय के अनुरूप काम कर रहे हैं। विदेश सचिव ने कहा, भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर पेट्रोलिंग करने पर सहमति बन गई है। चीन के साथ हुए समझौते में देपसांग और डेमचोक क्षेत्रों में पेट्रोलिंग करने पर सहमति बनी है।
आपको बता दें कि साल 2020 में LAC पर पेट्रोलिंग को लेकर भारतीय और चीनी सेना के बीच में झड़प हो गया था। गलवान में हुई इस झड़प के कारण 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे। अनुमान के मुताबिक झड़प में लगभग 40 चीनी सेना के जवान मारे गए थे। साल 2020 से ही सीमा विवाद को सुलझाने के लिए भारतीय और चीनी सेना एक दूसरे से लगातार बातचीत कर रहे थे।
यह एक बड़ा Breakthrough है- एस जयशंकर
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस समझौते पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे एक महत्वपूर्ण सफलता बताया है। उन्होंने कहा, “बड़े देशों के बीच तनाव होता है, लेकिन यह एक बड़ा ब्रेक्थ्रू (Breakthrough) है।”
पिछले महीने जयशंकर ने कहा था कि सीमा पर चीन के साथ डिसिन्गैज्मन्ट के लगभग 75 प्रतिशत मामले हल हो चुके हैं। दोनों देशों ने पूर्ण डिसिन्गैज्मन्ट सुनिश्चित करने के लिए “तत्काल” और “दोबारा प्रयास” करने पर सहमति जताई है।
आपको बता दें कि भारत और चीन के बीच हुआ टकराव 1962 के युद्ध के बाद सबसे घातक था। इस टकराव के बाद भारत-चीन के संबंधों में गिरावट देखी गई थी। भारत और चीन के बीच हुई नई सहमति दोनों देशों के बीच सामान्य संबंधों की ओर एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।


