महाराष्ट्र में नई सरकार बनने के साथ ही उपमुख्यमंत्री अजित पवार को बड़ी राहत मिली है। आयकर विभाग ने Ajit Pawar के 1 हजार करोड़ की संपत्ति को मुक्त कर दी है।
आयकर विभाग की ट्रिब्यूनल कोर्ट ने अक्टूबर 2021 में सीज हुई संपत्तियों को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के अटैचमेंट से मुक्त कर दिया है। दरअसल तीन साल पहले जांच के बाद Ajit Pawar उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार और बेटे पार्थ पवार की संपत्ति आयकर विभाग ने अटैच कर ली थी। लेकिन अब आयकर विभाग ने उनकी संपत्ति मुक्त कर दी है।
2021 में आयकर विभाग ने मारा था छापा
आपको बता दें कि साल 2021 में आयकर विभाग ने बेनामी संपत्ति के मामले में Ajit Pawar, उनके बेटे पार्थ पवार और पत्नी सुमित्रा पवार की संपत्ति सीज की थी। आयकर विभाग ने 7 अक्टूबर 2021 को विभिन्न कंपनियों पर छापेमारी के दौरान कुछ कागजात बरामद किए थे। आयकर विभाग ने दावा किया था कि ये कागजात अजित पवार और उनके परिवार की बेनामी संपत्तियों के थे। छापेमारी के बाद आयकर विभाग ने इस संपत्ति को जब्त कर लिया था।
IT डिपार्टमेंट ने बेनामी संपत्ति रोकथाम अधिनियम के तहत मुंबई में Ajit Pawar और उनके करीबियों के घरों और ऑफिस की तलाशी ली थी। सभी संपत्तियां सीधे अजित पवार के नाम पर रजिस्टर्ड नहीं थी। जिसमें आयकर विभाग ने साउथ दिल्ली में स्थित 20 करोड़ रुपए का फ्लैट पार्थ पवार का निर्मल ऑफिस जिसकी कीमत 25 करोड़ रुपए थी। गोवा में 250 करोड़ रुपए का ‘निलय’ रिसॉर्ट पुणे, मुंबई समेत महाराष्ट्र की 27 अलग-अलग जगहों की जमीन को जब्त कर लिया था।
1 हजार करोड़ की संपत्ति को किया रिलीज
लेकिन महाराष्ट्र सरकार बनने के दो दिन बाद ही Ajit Pawar को राहत भरी खबर मिल गई है। जिसमें डिप्टी CM पद की छठी बार शपथ लेने के बाद अजित पवार की जब्त बेनामी संपत्ति रिलीज करने का आदेश दे दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के माने तो, दिल्ली के आयकर विभाग ट्रिब्यूनल ने पवार की 1 हजार करोड़ से ज्यादा की संपत्ति को फ्री कर दिया है। ट्रिब्यूनल ने संपत्तियां मुक्त करने का आदेश सुनाते हुए कहा कि आयकर विभाग कोई ऐसा सबूत पेश नहीं कर पाया है जिससे पता चले कि इन संपत्तियों के मामले में बेनामी लेनदेन किया गया था।
Ajit Pawar के पास 124 करोड़ की है संपत्ति
बैंकिंग सिस्टम के जरिए ही सारे लेनदेन हुए थे। पवार की तरफ से पेश हुए वकील प्रशांत पाटिल ने कहा कि पवार परिवार ने इन संपत्तियों को लेकर कोई गड़बड़ी नहीं की है। उनके खिलाफ लगे आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि वैध माध्यम के जरिए ही सारा लेनदेन किया गया था। आयकर विभाग भी ऐसा कोई सबूत नहीं दे पाया है जिससे पवार परिवार और बेनामी लेनदेन के बीच कोई कनेक्शन मिल सके।
आपको बता दें कि विधानसभा चुनाव से पहले अजित पवार ने जो हलफनामा दिया था उसके मुताबिक उनकी कुल संपत्ति 124 करोड़ है। उन्होंने बताया था कि उनके परिवार के पास कुल कैश 14.12 लाख रुपए है। वहीं, तमाम बैंकों के अकाउंट्स में 6.81 करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम जमा है। अजित पवार के पास करीब 75 लाख रुपए की गाड़ियां है। उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार के पास 10 लाख रुपए की गाड़ी है।


