संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है। संसद में वार और पलटवार से संसद का माहौल गरमाया हुआ है। आज सुबह से ही संसद में इंडिया गठबंधन के सांसद केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah से माफी मांगने को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
संसद परिसर में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे ने अमित शाह के बयान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है। कांग्रेस ने अमित शाह से इस्तीफे की मांग की है। पिछले दो दिनों से संसद में संविधान पर बहस जारी है। बहस के दौरान Amit Shah ने बाबा साहब अंबेडकर के विरासत पर टिप्पणी कर दी थी। जिसे लेकर संसद में हंगामा मचा हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
मंगलवार यानी 17 दिसंबर को अमित शाह ने राज्यसभा में विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए बाबा साहब अंबेडकर का नाम लिया था। Amit Shah ने राज्य सभा में संविधान पर चर्चा करते हुए विपक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू पर हमला बोला था। उन्होंने कहा कि अभी ये एक फैशन हो गया है…..अंबेडकर…अंबेडकर…अंबेडकर…अंबेडकर….अगर इतना भगवान का नाम लिए रहते तो 7 जन्म के लिए स्वर्ग मिल जाता।
अमित शाह ने आगे कहा, “अंबेडकर अनुसूचित जातियों और जनजातियों के साथ होने वाले व्यवहार से असंतुष्ट थे। उन्होंने नेहरू सरकार की विदेश नीति पर असहमति जताई थी, अनुच्छेद 370 लागू करने पर भी सहमत नहीं थे। अंबेडकर को आश्वासन दिया गया था, जो पूरा नहीं हुआ, इसलिए उन्होंने कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था।”
Amit Shah पर राहुल गांधी ने किया कटाक्ष
अमित शाह के बयान के बाद विपक्षी दलों ने अमित शाह को निशाने पर लिया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि उनकी यह टिप्पणी दर्शाती है कि BJP और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेताओं में बी आर अंबेडकर के प्रति ‘काफी नफरत’ है। Amit Shah पर हमला बोलते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि “मनुस्मृति को मानने वालों को अंबेडकर जी से तकलीफ बेशक होगी ही।”
अंबेडकर जी भगवान से कम नहीं- मल्लिकार्जुन खड़गे
राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी अमित शाह पर हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि बाबा साहेब डॉ अंबेडकर जी भगवान से कम नहीं। वह दलितों, आदिवासियों, पिछड़े वर्ग, अल्पसंख्यक व गरीबों के मसीहा हैं और हमेशा रहेंगे। भाजपा-आरएसएस तिरंगे के खिलाफ थे। उनके पुरखों ने अशोक चक्र का विरोध किया। संघ परिवार के लोग पहले दिन से भारत के संविधान के बजाय मनुस्मृति लागू करना चाहते थे।’


