केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने छत्तीसगढ़ सरकार को बधाई देते हुए कहा है कि नक्सलवाद के खिलाफ छत्तीसगढ़ में मिली सफलता हम सबको प्रेरणा देती है। गृह मंत्री ने नक्सलवाद से जुड़े युवाओं से हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होकर देश के विकास में योगदान देने की अपील की।
अमित शाह (Amit Shah) ने कहा कि राज्य में इस साल जनवरी से अब तक कुल 237 नक्सली मारे गए, 812 गिरफ्तार हुए और 723 ने आत्मसमर्पण किया है। नॉर्थ-ईस्ट, कश्मीर और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में 13 हज़ार से ज्यादा लोग हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हुए हैं।
शाह ने कहा कि सभी राज्यों ने नक्सलवाद में लिप्त युवाओं के पुनर्वास के लिए हितकर योजनाएं बनाई हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से कभी किसी का फायदा नहीं होगा, ये बात अब पूरी तरह सिद्ध हो चुकी है।
अमित शाह (Amit Shah) ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में नक्सल प्रभावित सभी राज्य कंधे से कंधा मिलाकर मार्च 2026 तक नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करने के प्रति कटिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है और हमारे 8 करोड़ आदिवासी भाइयों और बहनों की इसमें बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है।
नक्सलवाद को समूल खत्म करने का आह्वान
शाह (Amit Shah) ने कहा कि विकसित भारत का सही अर्थ है कि देश की 140 करोड़ की जनता तक विकास पहुंचे, जिनमें हमारे 8 करोड़ जनजातीय भाई-बहन शामिल हैं। विकास को सही मायनों में दूरदराज़ के इलाकों और जनजातीय लोगों तक पहुंचाने में सबसे बड़ी बाधा आज नक्सलवाद है। नक्सलवाद गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं, कनेक्टिविटी, बैंकिंग और डाक सेवाएं आदि नहीं पहुंचने देता। अंतिम व्यक्ति तक विकास को पहुंचाने के लिए हमें नक्सलवाद को समूल नष्ट करना होगा।
केन्द्रीय गृह मंत्री (Amit Shah) ने दावा किया कि 2019 से 2024 तक नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि हम, केन्द्र और राज्य सरकारों के साझा प्रयासों से वामपंथी अंधकार की जगह संविधान प्रदत्त अधिकारों को जगह देना और वामपंथी हिंसक विचारधारा की जगह विकास और विश्वास का एक नया युग शुरू करना चाहते हैं। शाह ने कहा कि हम वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस और सरकारी योजनाओं के शत-प्रतिशत इंप्लीमेंटेशन से LWE-प्रभावित क्षेत्रों को पूर्ण विकसित बनाना चाहते हैं।
अमित शाह (Amit Shah) ने कहा कि वामपंथी उग्रवाद से लड़ने के लिए सरकार ने दो Rule of Law तय किए थे। पहला, नक्सलवाद-प्रभावित क्षेत्रों में कानून का राज स्थापित करना और गैरकानूनी हिंसक गतिविधियों को पूरी तरह बंद करना। दूसरा, लंबे नक्सली आंदोलन के कारण जो क्षेत्र विकास से महरूम रहे, वहां उस नुकसान को तेज़ी से भरना।
केन्द्रीय गृह मंत्री (Amit Shah) ने कहा कि 30 साल में पहली बार साल 2022 में वामपंथी उग्रवाद की मृत्यु की संख्या 100 से कम रही, जो एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने दावा किया कि 2014 से 2024 के बीच नक्सलवाद की बहुत कम घटनाएं दर्ज की गईं। इसके अलावा, 14 शीर्ष नक्सली नेताओं को न्यूट्रलाइज़ किया गया और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का ग्राफ भी ऊपर चढ़ा है।
शाह (Amit Shah) ने कहा कि वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ लड़ाई आज अपने अंतिम चरण में है और मार्च, 2026 तक सभी के सहयोग से देश दशकों पुरानी इस समस्या से पूरी तरह मुक्ति पा लेगा। उन्होंने कहा कि आज बूढ़ा पहाड़ और चकरबंधा जैसे कई क्षेत्र वामपंथी उग्रवाद से पूरी तरह मुक्त हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में LWE की 85 प्रतिशत कॉडर स्ट्रैंथ समाप्त कर दी गई है और अब हमें नक्सलवाद पर एक अंतिम प्रहार करने की ज़रूरत है।

अमित शाह (Amit Shah) ने सोमवार को नई दिल्ली में वामपंथी उग्रवाद (LWE) पर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा और तेलंगाना के मुख्यमंत्री, बिहार के उपमुख्यमंत्री और आंध्र प्रदेश की गृह मंत्री शामिल हुईं।
वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने में राज्यों का सहयोग कर रहे केन्द्रीय मंत्रालयों के मंत्री भी बैठक में शामिल हुए। इसके अलावा केन्द्रीय गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो के निदेशक, उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, LWE प्रभावित राज्यों के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बैठक में भाग लिया।
गृह मंत्री ने कहा कि नक्सलवाद आदिवासी क्षेत्रों के विकास में सबसे बड़ी बाधा और संपूर्ण मानवता का दुश्मन होने के साथ ही मानवाधिकारों का सबसे बड़ा हनन करने वाला भी है। उन्होंने कहा कि 8 करोड़ लोगों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखना मानवाधिकार का सबसे बड़ा हनन है। शाह ने कहा कि हजारों निर्दोष आदिवासी भाई-बहन नक्सलियों द्वारा लगाई गई बारूदी सुरंगों से मारे जाते हैं और नक्सलवाद के कारण ही इन क्षेत्रों में विकास रुका हुआ है।
गृह मंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के समूल खात्मे के लिए ज़रूरी है कि हम एक फाइनल पुश देकर इस समस्या को हमेशा के लिए खत्म कर दें। उन्होंने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से महीने में एक बार और पुलिस महानिदेशकों से कम से कम 15 दिन में एक बार विकास और नक्सलविरोधी अभियानों का रिव्यू करने को कहा।


