आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने जंतर मंतर पर ‘जनता की अदालत’ (Janta ki Adalat) का आयोजन किया। ‘जनता की अदालत’ के जरिए अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी पर निशाना साधा है। इसे दिल्ली विधानसभा चुनावों के लिए आम आदमी पार्टी का शंखनाद भी समझा जा सकता है।
जनता की अदालत में अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘आने वाले दिल्ली चुनाव में जनता का समर्थन और दिल्ली वासियों का एक-एक वोट मेरी ईमानदारी का सबूत होगा।’
अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने ‘जनता की अदालत’ (Janta ki Adalat) में कहा कि ‘4 अप्रैल, 2011 के दिन आजाद भारत का भ्रष्टाचार विरोधी सबसे बड़ा आंदोलन, अन्ना आंदोलन जंतर मंतर से शुरु हुआ था।’
उन्होंने कहा कि ‘उस वक्त की सरकार भी बहुत अहंकारी थी, उन्होंने हमारी बात नहीं मानी, वो चैलेंज करते थे, कहते थे कि चुनाव लड़ के दिखाओ, जीत के दिखाओ। हमने चुना लड़ा और पहली बार में दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बन गई। हमने साबित कर दिया था कि ईमानदारी से चुनाव लड़े भी जा सकते हैं और जीते भी जा सकते हैं।’
अपनी बात रखते हुए केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने कहा कि हमने 10 साल ईमानदारी से सरकार चलाई, तो मोदी जी को लगा कि इनकी ईमानदारी पर चोट पहुंचाओ। इनके बेईमान साबित करो… तब प्रधानमंत्री जी ने एक षड्यंत्र रचा, उन्होंने के केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी को बेईमान साबित करना चाहा।’ लेकिन जनता बताएगी कि मैं ईमानदार हूं की नहीं…।
जनता की अदालत (Janta ki Adalat) में अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने RSS से 5 सवाल किए।
1- उन्होंने पूछा कि जिस तरह मोदी जी ED CBI का डर दिखाकर सरकारें गिरा रहे हैं क्या RSS उससे सहमत है?
2- मोदी जी ने सबसे भ्रष्ट नेताओं को BJP में शामिल कराया। क्या RSS इस बात से सहमत है?
3- JP नड्डा के बयान से RSS दुखी हुआ या नहीं?
4- 75 साल वाला रूल मोदी जी पर लागू होगा या नहीं?
5- BJP आरएसएस की कोख से पैदा हुई पार्टी है। कहा जाता है कि ये देखना RSS की जिम्मेदारी है कि BJP पथभ्रष्ट न हो। क्या आप आज की BJP के कदमों से सहमत है?
‘जनता की अदालत’ (Janta ki Adalat) में मनीष सिसोदिया ने कहा कि ‘हम अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) के सिपाही हैं, ना झुकेंगे और ना टूटेंगे। हमारे नेताओं को जेल में दिल्ली की जनता के काम रोकने के लिए डाला गया। हमारी सरकार और पार्टी को तोड़ने के लिए जेल में डाला गया। लेकिन मैं बड़े गर्व से कह रहा हूं कि ना ही हमारी पार्टी टूटी और ना ही सरकार गिरी। मुझे आम आदमी पार्टी छोड़ने के लिए तमाम धमकियां और लालच दिए गए। लेकिन मैं टूटा और घबराया नहीं। हम अरविंद केजरीवाल जी के सिपाही हैं और उनके साथ मजबूती से खड़े हैं।’


