दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने इस्तीफा देने के बाद पहली बार दिल्ली विधानसभा में बतौर विधायक के रूप में भाषण दिया।
विधायक के रूप में अपने पहले संबोधन में अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने बीजेपी पर उनके और उनकी सरकार के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया है। आप संयोजक ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि बीजेपी दिल्ली सरकार के कामकाज में बाधा डाल रही है।
केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने कहा कि आज मैं सीएम के साथ सड़क इंसपेक्शन के लिए गया था। मेरे जेल जाने से पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी की सड़कें बहुत अच्छी हुआ करती थीं और मैंने उनसे वहां की सड़कों की मरम्मत करवाने के आदेश पारित करने के लिए कहा है। मैं 3-4 दिन पहले BJP के एक नेता से मिला था। मैंने उनसे पूछा कि मुझे जेल भेजने से कोई फायदा हुआ क्या, तो उन्होंने जवाब दिया कि आपको जेल में डालकर हमने पूरी दिल्ली सरकार को पटरी से उतार दिया है।”
आपको बता दें कि इस महीने की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल को कथित शराब घोटाले में जमानत दी थी। तिहाड़ जेल से बाहर आने के बाद अपने पहले विधानसभा भाषण में आप नेता ने कहा कि केजरीवाल कुछ भी हो सकता हैं, लेकिन वह भ्रष्ट नहीं हैं।
मनीष सिसौदिया के बगल में बैठे केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए कहा, “मैं हमेशा कहता हूं कि पीएम मोदी बहुत शक्तिशाली हैं और उनके पास बहुत सारे संसाधन हैं, लेकिन मोदी भगवान नहीं हैं, लेकिन जो भगवान हैं, वे हमारे साथ हैं। मैं सुप्रीम कोर्ट को धन्यवाद देना चाहता हूं।”
उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी के साथी उन्हें और मनीष सिसौदिया को दिल्ली विधानसभा में बैठे देखकर दुखी हो सकती है। उन्होंने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी के 5 वरिष्ठ नेताओं को जेल में डालने के बाद भी पार्टी मजबूती से खड़ी है।
केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने कहा, “उन्होंने मेरे खिलाफ फर्जी मामला दर्ज किया, मनीष सिसौदिया, सत्येन्द्र जैन, संजय सिंह, विभव और विजय नायर को जेल में डाल दिया। पांच शीर्ष नेताओं को जेल में डालने के बाद भी हमारी पार्टी आज मजबूती से खड़ी है।
अपने इस्तीफे पर बोलते हुए पूर्व सीएम ने कहा कि अपने दम पर सीएम की कुर्सी से हटे हैं और कहा कि अगर वह ईमानदार हैं तो दिल्ली की जनता उन्हें वोट देगी। जनता के निर्णय के बाद ही वो सीएम की कुर्सी पर बैठेंगे। उन्होंने कहा, “जब मैं जेल से रिहा हुआ तो मैंने इस्तीफा दे दिया, किसी ने मुझसे ऐसा करने के लिए नहीं कहा, मैंने खुद ही इस्तीफा दिया। अगर दिल्ली के लोगों को लगता है कि केजरीवाल ईमानदार हैं तो मुझे वोट दें, अन्यथा मुझे वोट न दें।”


