Atul Subhash Suicide Case: बेंगलुरु पुलिस ने रविवार को सॉफ्टवेयर इंजीनियर अतुल सुभाष की आत्महत्या के मामले में उनकी पत्नी, सास और साले को गिरफ्तार कर लिया है।
34 साल के अतुल सुभाष ने बीते सोमवार को आत्महत्या कर ली थी। अतुल ने 24 पन्नों के सुसाइड नोट और एक वीडियो में अपनी पत्नी और उनके परिवार पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था।
पत्नी को गुरुग्राम से किया गिरफ्तार
बेंगलुरु पुलिस के अनुसार, अतुल की पत्नी निकिता सिंघानिया को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया गया है। वहीं, उनकी सास निशा सिंघानिया और साले अनुराग सिंघानिया को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था।
सुसाइड नोट में लगाए थे गंभीर आरोप
बिहार के रहने वाला अतुल सुभाष बेंगलुरु की एक निजी कंपनी में काम करता था। अतुल ने अपने सुसाइड नोट में शादी से जुड़ी समस्याओं और निकिता और उनके परिवार पर कथित आर्थिक दबाव डालने का आरोप लगाया था। अतुल ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी ने उस पर झूठे मुकदमे दर्ज कराए और 2 लाख रुपये प्रति माह भरण-पोषण की मांग की।
सुभाष ने लिखा कि उनकी पत्नी, सास और साले ने 2020 से लगातार पैसे और महंगे उपहारों की मांग कर रहे थे। अतुल ने तलाक का मामला सुन रहे पारिवारिक अदालत के जज पर भी गंभीर आरोप लगया। अतुल ने वीडियो में कहा कि उत्तर प्रदेश में बार-बार अदालतों के चक्कर लगाने के कारण वह मानसिक तनाव में था।
निकिता ने लगाया था दहेज उत्पीड़न का आरोप
घटना के बाद, यह जानकारी सामने आई कि निकिता सिंघानिया ने 2022 में पति और ससुरालवालों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और मारपीट की शिकायत दर्ज कराई थी। निकिता ने आरोप लगाया था कि शादी के बाद अतुल और उनके परिवार ने 10 लाख रुपए की अतिरिक्त दहेज की मांग की थी। उन्होंने यह भी कहा था कि अतुल उनके साथ मारपीट करते थे और रिश्ते को अमानवीय बना दिया था।
आपको बता दें कि अतुल और निकिता की शादी साल 2019 में हुई थी। शादी के बाद, निकिता दिल्ली में अपने बेटे के साथ रहती थी और एक आईटी कंपनी में काम करती थीं। वहीं अतुल बेंगलुरु में कार्यरत थे। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर दहेज, घरेलू हिंसा, और झूठे आरोपों जैसे मुद्दों पर बहस तेज हो गई थी।


