Atul Subhash Suicide Case: एआई इंजीनियर अतुल सुभाष के सुसाइड मामले में आरोपी निकिता सिंघानिया की जमानत का मामला कोर्ट में है। निकिता सिंघानिया ने जमानत की याचिका दायर की है।
Atul Subhash के वकील आकाश जिंदल ने आरोपी की जमानत याचिका पर सवाल खड़े किए हैं। वकील ने कहा कि आरोपी पत्नी को कोर्ट में जमानत पाने के लिए बच्चे को हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
न्यायिक प्रक्रिया से बचने के लिए बच्चों को बनाया जा रहा है हथियार – अतुल सुभाष
वकील आकाश जिंदल ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि निकिता और उसके परिवार की जमानत याचिका आज सूचीबद्ध की गई थी। अतुल ने अपने आत्महत्या वीडियो में कहा था कि बच्चे को न्यायिक प्रक्रिया से बचने के लिए एक हथियार के रूप में इस्तेमाल नहीं होने देना चाहिए और ठीक यही किया जा रहा है। उसके वकील ने आज तर्क दिया है कि हम उसकी पीठ पीछे बच्चे की कस्टडी मांग रहे हैं। लेकिन यह उसकी पीठ पीछे नहीं है।
न्यायिक प्रक्रिया से बचने के लिए बच्चे को बनाया जा रहा है ढाल- वकील
आकाश जिंदल ने आगे कहा कि मां और पूरे परिवार को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसलिए बच्चे की देखभाल करने वाला कोई नहीं है। वकील ने बताया कि अतुल सुभाष की पत्नी और सास को फरार होने के बाद पुलिस ने गिरफ्तार किया था। अदालत से जमानत मिलने के बाद वह फिर से बच्चे को लेकर भागने की कोशिश करेगी। इसलिए हमारा कहना है कि उसे न्यायिक प्रक्रिया से बचने के लिए बच्चे को एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए।
बच्चे को एटीएम की तरह किया गया इस्तेमाल- पवन कुमार मोदी
Atul Subhash के पिता पवन कुमार मोदी ने बच्चे की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा कि अगर अतुल की पत्नी निकिता को जमानत दी जाती है, तो वह बच्चे को नुकसान पहुंचा सकती है। उन्होंने कहा कि अगर वह मेरे बेटे को आत्महत्या के लिए मजबूर कर सकती है, तो वह बच्चे को भी नुकसान पहुंचा सकती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि निकिता ने बच्चे को एटीएम की तरह इस्तेमाल किया और उसकी देखभाल के नाम पर बड़ी रकम की मांग की। उन्होंने दावा किया कि उसने 20 हजार से 40 हजार रुपए के बीच की मांग की, फिर इसे बढ़ाकर 80 हजार रुपए कर दिया और ज्यादा मांगना जारी रखा। इसके कारण परिवार ने सुप्रीम कोर्ट के माध्यम से बच्चे की कस्टडी की मांग की। अतुल सुभाष के पिता का कहना है कि बच्चे उनकी देखभाल में सुरक्षित रहेगा।


