महाराष्ट्र सरकार में पूर्व मंत्री और NCP (अजित पवार गुट) नेता बाबा सिद्दीकी (Baba Siddique) की हत्या मामले में हर रोज नए नए खुलासे हो रहे हैं।
मुंबई पुलिस अधिकारियों ने बताया है कि बाबा सिद्दीकी (Baba Siddique) की हत्या करने वाले शूटरों ने यूट्यूब पर वीडियो देखकर हथियार चलाना सीखा था।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इन हमलावरों ने मुंबई के कुर्ला इलाके में एक किराए के मकान में हथियार चलाना सीखा था।
महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री सिद्दीकी (Baba Siddique) की 12 अक्टूबर की रात निर्मल नगर इलाके में उनके विधायक बेटे जीशान सिद्दीकी के दफ्तर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
पुलिस ने इस हत्याकांड में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें हरियाणा निवासी गुरमेल बलजीत सिंह (23), उत्तर प्रदेश का निवासी धर्मराज राजेश कश्यप (19), दोनों कथित शूटर शामिल हैं।
इनके अलावा बहराइच का निवासी हरीशकुमार बालकराम निसाद (23) और पुणे निवासी प्रवीण लोनकर भी गिरफ्तार किए गए हैं। निसाद और कश्यप उसी गांव के हैं, जहां वांटेड आरोपी शिवकुमार गौतम रहता है।
गौतम ने शादियों के जश्न में सीखी फायरिंग
मुंबई क्राइम ब्रांच के मुताबिक, हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि गौतम ने उत्तर प्रदेश में शादियों में जश्न के दौरान की जाने वाली फायरिंग के दौरान बंदूक चलाना सीखा था।
गुरमेल सिंह और धर्मराज कश्यप से पूछताछ का हवाला देते हुए एक अफसर ने बताया कि गौतम को ‘मेन शूटर’ के रूप में रखा गया था क्योंकि वह बंदूक चलाना जानता था।
उन्होंने बताया कि गौतम ने ही कश्यप और सिंह को कुर्ला में एक किराए के मकान में हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी थी, जहां खुली जगह की कमी के चलते उन्होंने “ड्राई प्रैक्टिस” (बिना गोली के बंदूक चलाने) की थी। इन आरोपियों ने करीब चार हफ्ते तक यूट्यूब वीडियो देखकर हथियार लोड करना और उतारना सीखा।
जांच अधिकारियों के मुताबिक, तीनों हमलावरों ने बाबा सिद्दीकी (Baba Siddique) पर हमला करने के बाद अपने कपड़े बदलने की योजना बनाई थी और गिरफ्तार किए गए लोगों में से एक ने पकड़े जाने से पहले ही अपने कपड़े बदलने में कामयाबी हासिल कर ली थी। गौतम अपने बैग में एक शर्ट लाया था, जो घटनास्थल के पास से बरामद किया गया, जिसमें एक बंदूक और कुछ दस्तावेज थे।
एक घंटे तक किया इंतजार
आरोपियों ने घटनास्थल पर उसी दोपहिया वाहन से पहुंचने की योजना बनाई थी जिसका इस्तेमाल उन्होंने सिद्दीकी (Baba Siddique) के घर और दफ्तर की रेकी के लिए किया था।
लेकिन हमले के दिन दो आरोपी दोपहिया वाहन से गिर गए, इसलिए उन्होंने ऑटो रिक्शा से जीशान सिद्दीकी के दफ्तर तक जाने का फैसला किया। ये शूटर दफ्तर के बाहर एक घंटे तक बाबा सिद्दीकी (Baba Siddique) का इंतजार करते रहे।
प्रवीण लोनकर ने हरीशकुमार निसाद के खाते में 60,000 रुपये ट्रांसफर किए थे, जिन्होंने 32,000 रुपये में सेकेंड हैंड मोटरसाइकिल खरीदी थी।
शुभम लोनकर से पुलिस ने जून में अभिनेता सलमान खान के बांद्रा स्थित आवास के बाहर गोलीबारी के संबंध में पूछताछ की थी, यह घटना कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह नेटवर्क से जुड़ी हुई थी। शुभम प्रवीण लोनकर का भाई है और पुणे में डेयरी चलता है।
शुभम को जनवरी में महाराष्ट्र के अकोला जिले के अकोट पुलिस थाने में दर्ज आर्म्स ऐक्ट के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उसके पास से 10 से अधिक हथियार बरामद किए गए थे।
शुभम से पूछताछ में पता चला है कि वह लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल से संपर्क में था। जमानत पर रिहा होने के बाद 24 सितंबर को शुभम पुलिस की रडार पर होने के बावजूद लापता हो गया।
जांच में यह भी पता चला है कि सिद्दीकी (Baba Siddique) गोलीकांड में शामिल आरोपी पुलिस की नजरों में बने रहने के लिए स्नैपचैट और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया एप के जरिए संवाद करते थे।


