Bahraich Violence: उत्तर प्रदेश के बहराइच में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान सांप्रदायिक हिंसा फैल गई थी।
इस हिंसा में राम गोपाल मिश्रा नाम के एक लड़के की गोली लगने से मौत हो गई थी। आज यानी गुरुवार को यूपी पुलिस की सरफराज खान और तालिब से मुठभेड़ हुई है जिसमें ये दोनों घायल हो गए हैं। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपी नेपाल भागने के फिराक में थे। दोनों आरोपियों की हालत गंभीर बताई जा रही है। आरोपियों को नानपारा सीएचसी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।
उत्तर प्रदेश के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने बताया कि अभी कैजुअल्टी की जानकारी नहीं है, लेकिन पुलिस ने पांच आरोपियों को पकड़ा हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपी नेपाल भागने की फिराक में थे। पुलिस को खुफिया जानकारी मिलने पर दोपहर करीब 2 बजे STF और बहराइच पुलिस ने नानपारा कोतवाली क्षेत्र में हांडा बसेहरी नहर के पास आरोपियों को घेर लिया। आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सरफराज और तालिब को गोली लगने की खबर है।
पुलिस ने सरफराज के भाई फहीम, पिता अब्दुल हमीद और एक अन्य को भी पकड़ा है। आपको बता दें कि रविवार को सरफराज की गोली चलाने के कारण ही राम गोपाल मिश्रा की मौत हो गई थी।
सीएम योगी को दी गई एनकाउंटर की जानकारी
लखनऊ में एडीजी ऑफिस में पुलिस महकमे के बड़े अधिकारियों की बैठक चल रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बहराइच हिंसा के आरोपियों के पुलिस एनकाउंटर में घायल होने की जानकारी दी गई है। सीएम योगी को यह भी बताया गया है कि पांचों नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। सीएम योगी ने अधिकारियों को बहराइच में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए है।
एनकाउंटर पर विपक्ष हमलावर
बहराइच एनकाउंटर पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, “यह घटना प्रशासनिक विफलता है। सरकार अपनी विफलता को छिपाने के लिए एनकाउंटर कर रही है। अगर एनकाउंटर से राज्य की कानून व्यवस्था में सुधार होता तो यूपी दुनिया के कई राज्यों से आगे होता।”
उन्होंने कहा- “अगर जुलूस के लिए अनुमति ली गई थी तो इसे शांतिपूर्ण तरीके से क्यों नहीं निकाला गया? अगर वे इतने छोटे कार्यक्रम को संभाल नहीं सकते तो उनसे राज्य में कानून व्यवस्था की उम्मीद कैसे की जा सकती है।”
अखिलेश यादव ने कहा, “जो हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है और ऐसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए। हम पीड़ित परिवारों के साथ खड़े होंगे और सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें न्याय मिले। सरकार फूट डालो और राज करो की नीति पर काम कर रही है। यह घटना यूं ही नहीं हुई, इसकी योजना बनाई गई थी।”
सपा MLC लाल बिहारी यादव ने एनकाउंटर पर बयान देते हुए कहा कि बहराइच में हुआ दंगा सुनियोजित था। चुनाव से पहले भाजपा हिन्दू मुस्लिम दंगों को मुद्दा बनाकर वोट लेना चाहती है। लोकसभा चुनाव के बाद बीजेपी बहुत डरी हुई है। उन्होंने आगे कहा कि बहराइच दंगा पुलिसिया चूक का नतीजा है। सपा का डेलीगेशन दोनों पक्षों के घर जाएंगा।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा, “यह फर्जी एनकाउंटर हो रहे हैं। यह सरकार पूरी तरह से फेल है और अपनी गलतियों को छिपाने के लिए ये सारी चीजें कर रही है।”
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने एनकाउंटर के बारे में कहा कि दुकानें जलाने वाले दंगाइयों को भी सजा मिलनी चाहिए। दंगाइयों का कोई धर्म नहीं होता है। जिन्होंने पूरा बाजार जला दिया और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया उनके साथ भी वैसा ही व्यवहार होना चाहिए।
पीड़ित परिवार से मिले थे CM योगी
सीएम योगी आदित्यनाथ हाल ही में बहराइच हिंसा में मारे गए राम गोपाल मिश्रा के परिवार वालों से लखनऊ में मिले थे। पीड़ित परिवार ने सीएम से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की थी। यूपी सीएम ने उन्हें आश्वासन दिया था कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सीएम ने पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपए का मुआवजा देने का ऐलान किया है। साथ ही पीड़ित परिवार को एक घर, आयुष्मान भारत कार्ड के साथ सभी सरकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
उत्तर प्रदेश के बहराइच के महसी तहसील में रविवार को दुर्गा मूर्ति विसर्जन के दौरान सांप्रदायिक हिंसा (Bahraich Violence) फैल गई थी। विसर्जन के दौरान दो समुदायों में झड़प हो गई थी। हिंसा के दौरान एक घर से फायरिंग होने के कारण राम गोपाल मिश्रा की मौके पर मौत हो गई थी। हिंसा के दौरान पथराव होने के कारण मूर्ति टूट गई और इसके बाद बवाल शुरू हो गया था। इस घटना के बाद बहराइच में PAC की 12 कंपनी को तैनात किया गया था। यूपी पुलिस ने FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी थी।


