बिहार के सीवान और सारण में जहरीली शराब पीने से कम से कम 26 लोगों की मौत (Hooch Tragedy) हो गई और 49 लोगों का इलाज अन्य अस्पतालों में चल रहा है।
मरने वालों में 22 सीवान और 4 सारण जिले के हैं। सीवान सदर अस्पताल में 37 जबकि छपरा में 12 लोगों का इलाज चल रहा है।
आँखों की रोशनी जाने के बाद सीवान सदर अस्पताल से 5 लोगों को राजधानी पटना स्थित PMCH रेफर किया गया है। सारण में 2 लोगों की आँखों की रोशनी चली गई है।
पुलिस के मुताबिक, एक घटना घटना सिवान जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र की है।
मंगलवार शाम मधार गांव में कुछ लोगों ने एक दुकान पर जहरीली शराब पी। घर पहुंचने के बाद उन्हें आंखों की रोशनी जाने, उल्टी और पेट दर्द की शिकायत हुई।
इलाज के दौरान 22 लोगों की मौत (Hooch Tragedy) हो गई, जबकि 5 को इलाज के लिए पटना ले जाया गया।
सीवान के जिलाधिकारी मुकुल कुमार गुप्ता ने बताया कि मामले की जांच के लिए एक टीम गांव भेजी गई है।
जिलाधिकारी ने कहा, “हमें माधर गांव में कुछ लोगों की मौत की खबर मिली है। मौत का कारण अभी पता नहीं चल पाया है।”
जिलाधिकारी ने कहा कि भगवानपुर थाने के SHO और मद्यनिषेध ASI के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
छपरा में 4 की मौत, 12 अस्पताल में भर्ती
एक अन्य घटना (Hooch Tragedy) में, बिहार के सारण (छपरा) जिले में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से 4 लोगों की मौत हो गई और 12 अन्य को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस के अनुसार, यह घटना इब्राहिमपुर इलाके में हुई, जो सारण जिले के मुशरख पुलिस थाने के अधिकार क्षेत्र में आता है।
सारण पुलिस के मुताबिक, “संदिग्ध जहरीली शराब से हुई मौत के बारे में मिली सूचना के आधार पर पुलिस बुधवार सुबह मौके पर पहुंची और मामले की जांच कर रही है। दो अन्य को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनका इलाज चल रहा है। मामले की जांच की जा रही है।”
बता दें कि नीतीश कुमार सरकार ने अप्रैल 2016 में बिहार में शराब बेचने और पीने पर प्रतिबंध लगा दिया था।
बिहार सरकार ने हाल ही में स्वीकार किया है कि अप्रैल 2016 में शराबबंदी लागू होने के बाद से राज्य में अवैध शराब पीने से 150 से अधिक लोगों की मौत (Hooch Tragedy) हो चुकी है।


