भारत ने शतरंज ओलंपियाड (Chess Olympiad) में दोहरा स्वर्ण जीतकर इतिहास रच दिया है। पुरुष और महिला दोनों टीमों ने 45वें शतरंज ओलंपियाड में अपने-अपने प्रतिद्वंद्वी को हराकर अपना पहला स्वर्ण पदक जीता।
रविवार को भारत ने चेन्नई में खेले जा रहे पहले टेस्ट में बांग्लादेश पर जीत हासिल की थी। टीम इंडिया की इस ऐतिहासिक जीत का जश्न अभी काम नहीं हुआ था कि शतरंज की दुनिया से भारत के लिए अच्छी खबर आई।
शतरंज ओलंपियाड में भारत ने इतिहास रच दिया है। हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में हुए शतरंज ओलंपियाड में भारत ने दुर्लभ 2 स्वर्ण पदक जीते हैं। शतरंज ओलंपियाड में पुरुष वर्ग और महिला वर्ग में भारत ने स्वर्ण जीता है।
भारत ने शतरंज (Chess) में पहली बार महिला टीम वर्ग में स्वर्ण पदक जीता है।
हरिका द्रोणावल्ली, वैशाली रमेशबाबू, दिव्या देशमुख, वंतिका अग्रवाल और तानिया सचदेव की महिला शतरंज टीम ने 45वें शतरंज ओलंपियाड में स्वर्ण पदक जीत कर इतिहास रच दिया है।
भारतीय टीम के खिलाड़ी गुकेश डी, प्रगनानंद आर,अर्जुन एरिगैसी, विदित गुजराती, पेंटाला हरिकृष्णा और श्रीनाथ नारायणन ने ओपन में गोल्ड मेडल जीता।
45वें चेस ओलंपियाड (Chess Olympiad) में पहली बार स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय टीम ने इतिहास रच दिया।
भारत एक ही दिन में शतरंज ओलंपियाड में ओपन और महिला दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक जीतने वाला तीसरा देश है।

रविवार को भारतीय शतरंज के लिए ऐतिहासिक दिन रहा। शतरंज की दुनिया में भारत का प्रभुत्व दिखा।
भारत ने शतरंज ओलंपियाड 2024 (Chess Olympiad 2024) में दो गोल्ड जीतकर इतिहास रच दिया है।
USSR और चीन के बाद भारत एक ही शतरंज ओलंपियाड में ओपन और महिला दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक जीतने वाला तीसरा देश बना है।
1927 में पहले ऑफिशियल शतरंज ओलंपियाड की शुरुआत हुई थी, तब से यह पहली बार है जब भारत को एक ही ओलंपियाड में दो गोल्ड मिले हैं।
भारत ने पहली बार चेस ओलंपियाड में ओपन कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीतने के बाद महिला कैटेगरी में भी गोल्ड जीता।
शतरंज ओलंपियाड का 45वां संस्करण 11-22 सितंबर को हंगरी के बुडापेस्ट में हो रहा है। ओपन में रिकॉर्ड 193 टीमें और महिला वर्ग में 181 टीमें सामूहिक और व्यक्तिगत पदक के लिए प्रतिस्पर्धा कर रही हैं।


