यूपी की राजधानी लखनऊ में पुलिस कस्टडी में मोहित पांडे नाम के एक युवक की मौत हो गई थी। CM Yogi ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की है और मुआवजे का ऐलान किया है।
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतक मोहित पांडे के परिवार से सोमवार को मुलाकात की। मोहित की मां, पत्नी और तीनों बच्चों से सीएम ने मुलाकात की है।
पीड़ित परिवार को 10 लाख का मुआवजा- CM Yogi
CM Yogi ने पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपए का मुआवजा देने का ऐलान किया है। इसके अलावा राज्य सरकार की तरफ से पीड़ित परिवार को एक घर दिया जाएगा। साथ ही बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी सरकार उठाएगी।
पीड़ित परिवार से मुलाकात के दौरान सीएम योगी ने कहा कि पूरा मामला मेरे संज्ञान में है और जांच के बाद कड़ी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा है कि दोषी पुलिसकर्मियों को बख्शा नहीं जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
लखनऊ में 32 साल के कपड़ा व्यापारी मोहित पांडे की पुलिस हिरासत में रविवार को मौत हो गई थी। कपड़ा व्यापारी के ऊपर शांति भंग करने का आरोप लगा था। आपको बता दें कि मोहित की मामूली बात पर पड़ोसी आदेश कुमार से विवाद हुआ था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी मोहित पांडे को गिरफ्तार किया था।
CM Yogi के निर्देश के बाद लखनऊ के चिनहट पुलिस स्टेशन के SHO और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या और आपराधिक साजिश के आरोप में केस दर्ज कर लिया गया है। मोहित के परिवार वालों ने दावा किया कि पुलिस ने आदेश, उसके चाचा और एक राजनीतिक नेता के इशारे पर मोहित को बेरहमी से पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई।
मोहित पांडेय की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी आ गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मोहित के सिर, हाथ-पैर और पीठ पर चोट के निशान मिले हैं। लेकिन मौत का कारण साफ नहीं हो पाया है।
घटना दुर्भाग्यपूर्ण- डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक
पुलिस कस्टडी में मौत के मामले में यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा, “यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। सरकार ने इसे बहुत गंभीरता से लिया है। उच्च स्तरीय जांच चल रही है। आरोपी पुलिस वालों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। जो लोग भी इसमें शामिल होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उत्तर प्रदेश सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है, हम उन्हें न्याय दिलाएंगे।”
पुलिस हिरासत का नाम बदलकर अत्याचार गृह रख देना चाहिए- अखिलेश यादव
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार पर हमला बोला है। यूपी के पूर्व सीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि उत्तर प्रदेश की राजधानी में पिछले 16 दिनों में पुलिस ‘हिरासत में मौत (हत्या पढ़ा जाए)’ का दूसरा समाचार मिला है। नाम बदलने में माहिर सरकार को अब ‘पुलिस हिरासत’ का नाम बदलकर ‘अत्याचार गृह’ रख देना चाहिए। पीड़ित परिवार की हर मांग पूरी की जाए, हम उनके साथ हैं।


