12 दिसंबर को सिंगापुर में वर्ल्ड चेस चैंपियनशिप मैच के डिसाइडिंग 14वें गेम में चीन के डिंग लिरेन को हराकर D Gukesh सबसे कम उम्र के विश्व चैंपियन बन गए हैं।
18 साल की उम्र में गुकेश विश्वनाथन आनंद के बाद क्लासिक शतरंज मुकाबले में विश्व चैंपियन बनने वाले दूसरे भारतीय बन गए है। मैच जीतने के बाद गुकेश और उनके पिता भावुक दिखे। जीत के बाद गुकेश अपने पिता के गले लगकर खुशी के आंसु बहा रहे थे।
D Gukesh बने सबसे कम उम्र के विश्व चेस चैंपियन
गुकेश ने रूस के बड़े चेस प्लेयर गैरी कास्परोव का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। साल 1985 में कास्परोव 22 साल की उम्र में सबसे कम उम्र के विश्व चेस चैंपियन थे। गुकेश उनसे कम उम्र में यह उपाधि पाने वाले शख्स बन गए हैं। गुकेश और डिंग के बीच यह मुकाबला 14वें गेम के पहले 6.5 अंक पर बराबरी पर था।
14वें गेम में डिंग ने सफेद मोहरे से खेलते हुए एक बड़ी गलती की जब अपनी 53वीं चाल में उन्होंने गलत कदम उठाए। गुकेश ने इस मौके का फायदा उठाते हुए दबाव बनाए रखा और डिंग को गलती करने पर मजबूर कर दिया। आखिरकार, डिंग ने सरेंडर कर दिया और गुकेश ने नया विश्व चैंपियन बन गए। गुकेश ने यह खिताब 7.5-6.5 के कुल स्कोर से जीता।
D Gukesh ने विपक्ष को गलती करने पर किया मजबूर
बीते दिन हुए वर्ल्ड चेस चैंपियनशिप मुकाबले को लेकर विश्वनाथन आनंद समेत कई दिग्गजों ने मुकाबले में ड्रा की उम्मीद जताई थी। मुकाबला ड्रा की तरफ बढ़ भी रहा था, लेकिन गुकेश ने अपनी सूझबूझ से डिंग को गलती करने पर मजबूर किया। और ट्रॉफी भारत की झोली में डाल दिया। जिसके बाद वो यंगेस्ट वर्ल्ड चेस चैंपियन बन गए और देश जश्न में डूब गया।
गुकेश के इस ऐतिहासिक जीत ने उन्हें 18th वर्ल्ड चैंपियन के तौर में दर्ज किया और वह सबसे कम उम्र के चैंपियन बने। इस मैच में डिंग टाईब्रेक की ओर बढ़ने की कोशिश की, लेकिन गुकेश की सटीक चालों ने ऐन वक़्त में जीत दिलाई। गुकेश ने मैच के अंत में अपनी जीत की खुशी में आंसू बहाए।
D Gukesh का पुराना इंटरव्यू हो रहा हैं वायरल
गुकेश के विश्व चैंपियन जीतने के बाद का एक पुराना इंटरव्यू सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा। गुकेश ने 9 साल की उम्र में एक इंटरव्यू में कहा था कि “I want to become Youngest World Champion”। आज गुकेश ने इस खिताब को जीतकर अपने बचपन का सपना पूरा कर लिया है।
गुकेश के लिए यह साल शानदार रहा है। उन्होंने हाल ही में कैंडिडेट्स टूर्नामेंट जीतकर वर्ल्ड चैंपियन के लिए सबसे युवा होने का रिकॉर्ड बनाया था। इसके अलावा, गुकेश ने भारत को चेस ओलंपियाड में हिस्टोरिक गोल्ड मेडल दिलाया। उनकी इस जीत ने न केवल भारतीय शतरंज बल्कि वर्ल्ड चेस कम्यूनिटी में भी एक नई दिशा दिखाई है।
कौन हैं D Gukesh?
गुकेश डी का पूरा नाम डोमराजु गुकेश है। इनका जन्म मई 2006 में चेन्नई में एक तेलुगु परिवार में हुआ था। गुकेश ने सात साल की उम्र में शतरंज खेलना शुरू कर दिया था। उन्होंने 2015 में आठ साल की उम्र में एशियाई स्कूल चेस चैंपियनशिप के अंडर-9 कैटिहरी और 2018 में अंडर 12 कैटिहरी में वर्ल्ड यूथ चेस चैंपियनशिप जीती।
साल 2018 में उन्होंने एशियाई युवा चैम्पियनशिप, अंडर -12 रैपिड और ब्लिट्ज, अंडर -12 टीम रैपिड और अंडर -12 क्लासिक फॉर्मेट में 5 स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। जनवरी 2019 में 12 साल और सात महीने की उम्र में गुकेश इतिहास के दूसरे सबसे युवा ग्रैंडमास्टर बने थे।


