World Chess Championship: भारत के ग्रैंडमास्टर डी. गुकेश ने 12 दिसंबर, 2024 को सिंगापुर में विश्व शतरंज चैंपियनशिप का फाइनल जीत लिया है।
डी. गुकेश ने मौजूदा चैंपियन डिंग लिरेन को हराकर इतिहास रच दिया है। महज 18 साल की उम्र में गुकेश ने विश्व चैंपियनशिप खिताब जीतने का रिकॉर्ड बनाया है। वह विश्व शतरंज के इतिहास में सबसे कम उम्र के अजेय चैंपियन बन गए है। वह इस मुकाम तक पहुंचने वाले दूसरे भारतीय शतरंज खिलाड़ी बन गए है। इससे पहले यह खिताब विश्वनाथन आनंद ने हासिल किया था।
गुकेश ने रूस के ग्रैंडमास्टर को हराया
गुकेश ने रूस के ग्रैंडमास्टर गैरी कास्परोव का रिकॉर्ड तोड़ा है। गैरी कास्परोव ने 1985 में 22 साल की उम्र में शतरंज के विश्व चैंपियन का खिताब जीता था। गुकेश और डिंग के बीच यह मुकाबला 14वें गेम के पहले 6.5 अंक पर बराबरी पर था। 14वें गेम में डिंग ने सफेद मोहरे से खेलते हुए एक गलत चाल चल दी। उन्होंने 53वीं चाल में गलत कदम उठाए। गुकेश ने इस मौके का फायदा उठाते हुए दबाव बनाए रखा और डिंग को गलती करने पर मजबूर कर दिया। आखिरकार, डिंग ने आत्मसमर्पण कर दिया और गुकेश विश्व चैंपियन बन गए। गुकेश ने यह खिताब 7.5-6.5 के कुल स्कोर से जीता।
सबसे कम उम्र में विश्व चैंपियन बने गुकेश
गुकेश के इस ऐतिहासिक जीत ने उन्हें 18वें विश्व चैंपियन के रूप में दर्ज किया और वह सबसे कम उम्र के अजेय चैंपियन बने। इस मैच में, डिंग ने संघर्ष करते हुए टाईब्रेक की ओर बढ़ने की कोशिश की। लेकिन गुकेश की सटीक चालों ने अंतिम क्षणों में जीत दिलाई। गुकेश के मैच जीतने के बाद उनकी खुशी के आंसू बह गए।
PM Modi ने गुकेश को दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुकेश के विश्व चैंपियन बनने पर बधाई दी है। पीएम मोदी ने लिखा कि ऐतिहासिक एवं अनुकरणीय। गुकेश डी को उनकी उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए बधाई। यह उनकी अद्वितीय प्रतिभा, कड़ी मेहनत और अटूट संकल्प का परिणाम है। उनकी जीत ने न केवल शतरंज के इतिहास में उनका नाम दर्ज कराया है। बल्कि लाखों युवाओं को बड़े सपने देखने और उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित किया है। उनके भविष्य के प्रयासों के लिए मेरी शुभकामनाएं।


