देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) के रंगपुरी इलाके में एक शख्स और उसकी चार दिव्यांग बेटियों की लाश मिलने से सनसनी फैल गई। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
दिल्ली पुलिस (Delhi Police) के मुताबिक, शुक्रवार सुबह 50 साल के हीरालाल और उनकी बेटियों नीतू, निशि, नीरू और निधि की लाश उनके किराए के घर में मिली।
दिल्ली में रहकर बढ़ई का काम करने वाला हीरा लाल अपनी पत्नी के निधन के बाद बीते एक साल से अपनी दिव्यांग बेटियों के साथ अकेले रह रहा था। नीतू दृष्टिहीन थी, निशि को चलने में कठिनाई थी, जबकि नीरू और निधि की विकलांगता की प्रकृति की जांच अभी जारी है।
सीसीटीवी फुटेज में हीरा लाल को 24 सितंबर को मिठाई का एक डिब्बा लेकर घर में जाते हुए देखा गया। इसके बाद से किसी को भी परिसर में आते या जाते हुए नहीं पाया गया।
शुक्रवार को जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो दरवाजा अंदर से बंद था। दिल्ली फायर सर्विस (Delhi Fire Service) को बुलाकर दरवाजा तोड़ा गया, जिसके बाद अंदर पांचों के शव पाए गए।
लड़कियों के शव बेडरूम में थे, जबकि उनके पिता का शव दूसरे कमरे में मिला। सभी पांचों के मुंह से झाग निकल रहा था। मिली जानकारी के अनुसार, लड़कियों के गले और कमर में पवित्र धागा बंधा हुआ था।
शवों के पास से ज़हरीले पदार्थ के पैकेट मिले, और कमरे के कूड़ेदान में जूस के टेट्रा पैक और पानी की बोतल भी पाई गई। मिठाई का एक डिब्बा भी बरामद किया गया, जिसे फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है।
दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। शुरुआती जांच के अनुसार, पुलिस को संदेह है कि हीरा लाल ने अपनी बेटियों को जहर दिया होगा और उनके बेहोश हो जाने के बाद उसने खुद भी जहर खा लिया होगा। पुलिस उन सभी परिस्थितियों की जांच कर रही है, जिनके कारण यह घटना हुई होगी।


