दिल्ली के रोहिणी इलाके में सीआरपीएफ स्कूल के बाहर रविवार को हुए धमाके (Delhi School Blast) की गुत्थी अभी तक नहीं सुलझ पाई है। हालांकि, इस घटना पर सियासत तेज हो गई है।
इस मामले में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, प्रशांत विहार में रविवार सुबह 7:40 बजे हुए विस्फोट (Delhi School Blast) में इस्तेमाल किए गए विस्फोटकों की जांच चल रही है। पुलिस ने घटना की सबसे पहले सूचना देने वाले शख्स से पूछताछ की है।
धमाके के बाद आसमान में सफेद धुएं का बादल छा गया और घटनास्थल पर काफी मात्रा में सफेद पाउडर बिखरा हुआ पाया गया। फॉरेंसिक विभाग के अधिकारियों ने विस्फोट की वजह जानने के लिए वहां से सैम्पल लिए हैं।
धमाका (Delhi School Blast) इतना शक्तिशाली था कि इससे सीआरपीएफ पब्लिक स्कूल की दीवार में एक बड़ा छेद हो गया है। धमाके की वजह से स्कूल के सामने की दुकानों की खिड़कियां और साइनबोर्ड क्षतिग्रस्त हो गए।
आकाश कुमार नाम के शख्स ने सबसे पहले पुलिस को धमाके की सूचना दी। आकाश का कहना है कि वह घटना के समय सो रहे थे। दिल्ली पुलिस ने बाद में विस्फोट के बारे में सुराग पाने के लिए उनसे पूछताछ की।
दिल्ली पुलिस ने इस घटना (Delhi School Blast) के सिलसिले में अज्ञात लोगों के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की है।
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार, विस्फोट एक कम तीव्रता वाले IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) से हुआ था। इस विस्फोटक में कोई छर्रे या बॉल बेयरिंग नहीं थी और इसे टाइमर या रिमोट से नियंत्रित किया गया होगा।
घटना (Delhi School Blast) में किसी के घायल होने या हताहत होने की सूचना नहीं है। दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने विस्फोट के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा दिए जाने का भरोसा देते हुए कहा है कि वो मामले कि जांच पर लगातार नजर रख रहे हैं।
धमाके पर राजनीति!
आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि प्रशांत विहार में हुआ धमाका केंद्र की BJP सरकार की विफलता और लापरवाही का सबूत है। पार्टी ने कहा है- “BJP और उनके LG से दिल्ली की क़ानून व्यवस्था नहीं संभल रही है। दिल्ली में हर रोज़ हो रहे मर्डर और लोगों से रंगदारी वसूली जा रही है, वहीं अब बम ब्लास्ट हो गया। BJP के LG तुरंत अपने पद से इस्तीफ़ा दें।”
आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने कहा- “BJP ने दिल्ली में क़ानून व्यवस्था को ध्वस्त करके जंगल राज स्थापित कर दिया है। रोहिणी में हुए बम धमाके से पूरी दिल्ली ख़ौफ़ के साए में है। लोग त्यौहारों पर अपने घरों से निकलने में घबरा रहे हैं लेकिन इस घटना पर LG साहब के मुँह से एक शब्द तक नहीं निकला है। क्योंकि दिल्ली के LG की प्राथमिकता क़ानून व्यवस्था दुरुस्त रखना नहीं बल्कि किसी भी तरह दिल्लीवालों के काम और आम आदमी पार्टी को रोकना है।”


