महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ महायुति ने शानदार प्रदर्शन किया था। 288 विधानसभा सीटों में महायुति ने 230 सीटों पर जीत दर्ज की है। Devendra Fadnavis ने ली सीएम पद की शपथ।
बीजेपी के विधायक Devendra Fadnavis ने 11 दिन बाद मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। उनके बाद एकनाथ शिंदे और अजित पवार ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली। मुंबई के आजाद मैदान में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया था।
शपथ ग्रहण समारोह में PM मोदी हुए शामिल
शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत 22 राज्यों के सीएम और डिप्टी सीएम मौजूद थे। महाराष्ट्र के राज्यपाल राधाकृष्णन ने फडणवीस को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई है। शपथ ग्रहण समारोह में शाहरुख खान और सलमान खान समेत कई उद्योग जगत और बड़ी हस्तियां भी मौजूद थे। आपको बता दें कि Devendra Fadnavis को कल यानी 4 दिसंबर को ही बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया था। शपथ लेने से पहले देवेंद्र फडणवीस सिद्धिविनायक मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना किए। इसके बाद Devendra Fadnavis ने गौ माता की पूजा भी की।
एकनाथ शिंदे बने डिप्टी सीएम
Devendra Fadnavis के साथ मुंबई के एनसीपी के प्रमुख अजित पवार ने भी शपथ ली। एकनाथ शिंदे ने भी डिप्टी सीएम पद की शपथ ली। महायुति की पिछली सरकार में एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री थे। वहीं, देवेंद्र फडणवीस और अजीत पवार उपमुख्यमंत्री थे। विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 132 सीटें जीतने के बाद से ही सीएम पद पर दावा ठोका दिया था। 11 दिन की खींचतान के बाद आखिरकार देवेंद्र फडणवीस के नाम पर मुहर लग गई। आपको बता दें कि फडणवीस सरकार के मंत्रियों की शपथ ग्रहण कुछ दिन बाद होने की उम्मीद जताई जा रही है।
50:30:20 के फॉर्मूले पर बंटेगा मंत्रिमंडल
आपको बता दें कि महाराष्ट्र में 7 दिसंबर से विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है। इस सत्र में विधानसभा का स्पीकर चुना जाएगा। साथ ही नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ भी दिलाई जाएगी। सूत्रों की मानें तो विधानसभा सत्र के दौरान ही फडणवीस सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा। देवेंद्र फडणवीस सरकार में 50:30:20 के फॉर्मूला पर बांटा जाएगा। इस फॉर्मूले के तहत बीजेपी को 21 और शिवसेना तथा एनसीपी को 12 और 10 मंत्री पद मिल सकते हैं।
Devendra Fadnavis ने तीसरी बार ली सीएम पद की शपथ
Devendra Fadnavis ने तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। फडणवीस ने साल 2014 में पहली बार राज्य के मुख्यमंत्री बने थे। इसके बाद उन्होंने पूरे पांच साल सरकार चलाई। साल 2019 में बीजेपी और शिवसेना के अलग होने के बाद Devendra Fadnavis ने एनसीपी के साथ मिलकर शपथ ली थी। उनकी सरकार पांच दिन में ही गिर गई थी।


