उत्तर प्रदेश के शामली से एक वीडियो वायरल हुआ है। वीडियो में शामली की ड्रग इंस्पेक्टर Nidhi Pandey दवा दुकानदारों से रिश्वत मांगती हुई नजर आ रही है।
सोशल मीडिया पर रिश्वत मांगने वाला वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि एक अधिकारी ड्रग इंस्पेकटर को कहता है कि मैडम ये तो बारगेन कर रहा है। सब्जी मंडी बना रखी है इसने। कभी 25 बोल रहा है, कभी 30।
मेरे सामने ये बनियागिरी मत करना- Nidhi Pandey
इसके बाद ड्रग इंस्पेक्टर Nidhi Pandey कहती हुई सुनाई देती है कि अरे…सुन मेरी बात। मेरे सामने ये बनियागिरी मत कर। बारगेन नहीं चलेगा। जितना बोला है उतना कर। आपको बता दें कि यह वीडियो दवा दुकान में छापे मारी के दौरान की है। निधि पांडे अपने साथियों के साथ मिलकर दवा दुकनदार पर रिश्वत देने का दबाव बनाते हुए दिख रही है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद डीएम की रिपोर्ट पर यूपी सरकार ने आरोपी ड्रग इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है।
Nidhi Pandey को किया गया सस्पेंड
शामली की ड्रग इंस्पेक्टर निधि पांडे के खिलाफ एक्शन हुआ है। पिछले कई दिनों से ड्रग इंस्पेक्टर की दो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। एक वीडियो में निधि पांडे में वह केमिस्ट को खुलेआम जेल भेजने की धमकी देती दिखती हैं। इसके बाद वह केमिस्ट से पैसों की डिमांड करती हैं। वहीं, दूसरी वीडियो में वह एख दवा दुकान पर बैठी दिखती हैं। इसमें दुकानदार एक सादे कागज पर एक्शन नहीं हुआ। इ मामलों को आधार बनाते हुए डीएम के स्तर से निधि पांडेय के खिलाफ एक्शन लिया गया। सरकार ने उन्हें सस्पेंड कर दिया है।
Nidhi Pandey पर दवा दुकानदारों ने लगाया रिश्वत मांगने का आरोप
ड्रग इंस्पेकटर निधि पांडे पर मेडिकल स्टोर संचालकों को धमकाकर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। डीएम की रिपोर्ट को संज्ञान में लेते हुए सरकार ने आरोपी ड्रग इंस्पेक्टर पर एक्शन लिया है। योगी आदित्यनाथ सरकार की भ्रष्टाचार पर जीरो टोलरेंस नीति के तहत उन्हें निलंबित किया गया है। निधि पांडे को ड्रग इंस्पेकटर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन लखनऊ कार्यलय में अटैच किया गया है।
डीएम ने दी थी जांच की रिपोर्ट
शामली में ड्रग इंस्पेक्टर निधि पांडे और मेडिकल स्टोर संचालकों के बीच आरोप- प्रत्योप का दौर कई दिनों से चल रहा था। तीन दिन पहले ही निधि पांडे का एक वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो वायरल होने के बाद शामली के डीएम अरविंद कुमार चौहान ने मामले का संज्ञान लिया। डीएम के निर्देश पर मामले की जांच की गई तो इसे सही पाया गया। इसके बाद डीएम ने अपनी रिपोर्ट यूपी सरकार के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन अनुभाग को भेजी।
विभाग के प्रमुख सचिव पी. गुरु प्रसाद ने शामली डीएम की जांच का संज्ञान लेते हुए ड्रग इंस्पेक्टर निधि पांडे को दोषी पाया। इसके बाद निधि पांडे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। सचिव ने बताया कि ड्रग इंस्पेक्टर पर लगे आरोपों की जांच के बाद विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।


