बिहार से गोवा जा रही एक फैमिली को GPS की मदद लेना भारी पड़ गया। जिसकी वजह से पूरी रात उन्हें घने जंगल में बितानी पड़ी।
पुलिस ने पहुंचकर उन्हें जंगल से बाहर निकाला। एक परिवार बिहार से गोवा जा रही थी। इसलिए रास्ता देखने के लिए उन्होंने GPS की मदद ली। जीपीएस ने पहले उन्हें कर्नाटक पहुंचा दिया।
कर्नाटक के बेलगावी जिले के पास पहुंचकर एप्लीकेशन ने उन्हें एक छोटा रास्ता दिखाया, जो खानपुर के घने भीमगढ़ जंगल से होकर जा रहा था। 8 किलोमीटर अंदर जाने के बाद परिवार को ये महसूस हुआ कि वो गलत रास्ते पर आ गए है। लेकिन जब तक उन्हें पता चला की वो गलत रास्ते पर हैं।
नेटवर्क जाने के बाद GPS ने छोड़ा साथ
नेटवर्क जाने के बाद जीपीएस ने भी उनका साथ छोड़ दिया। इसके बाद उन्हें जंगल से बाहर निकलने का कोई रास्ता दिखाई नहीं दिया और फैमिली को पूरी रात जंगल में बितानी पड़ी। सुबह उठकर नेटवर्क की तलाश में फैमिली को चार किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। आखिर में उन्हें एक जगह नेटवर्क मिला और उन्होंने तुरंत इमरजेंसी हेल्पलाइन 112 पर संपर्क किया। जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें जंगल से बाहर निकाला। पुलिस के मुताबिक, ये जंगल खतरनाक जंगली जानवरों के लिए जाना जाता है।
GPS के कारण यूपी में भी हुई थी मौत
आपको बता दें कि पिछले महीने भी उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में तीन लोगों की मौत जीपीएस की वजह से हो गई थी। जब जीपीएस ने उनकी कार को एक गलत रास्ता दिखा दिया था। मैप के रास्ते एक गलत तरीके से निर्माणाधीन पुल पर चली गई। जिसके बाद कार नदी में गिर गई और गाड़ी में सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
यह घटना तब हुई थी जब वे गुरुग्राम से एक शादी में शामिल होने के लिए बरेली जा रहे थे। शादी की जगह तक पहुंचने के लिए उन्होंने GPS का सहारा लिया था। तभी उनका जीपीएस उन्हें अधूरे फ्लाईओवर पर ले गया। कार पुल पर आगे बढ़ी और 50 फीट की ऊंचाई से रामगंगा नदी में गिर गई। इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई।


