जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग (Gulmarg) में हुए आतंकवादी हमले को लेकर मोदी सरकार विपक्ष के निशाने पर है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार की नीतियां जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बहाल करने में पूरी तरह नाकाम रही हैं।
कांग्रेस ने केंद्र से जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले की जवाबदेही लेने की मांग की है।
आपको बता दें कि गुरुवार को हुए इस हमले में सेना के दो जवान और दो कुली शहीद हो गए जबकि एक अन्य कुली और एक जवान घायल हो गया।
आतंकवादियों ने उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के पर्यटक स्थल गुलमर्ग (Gulmarg) से छह किलोमीटर दूर सेना के एक वाहन पर हमला किया।
आतंकवादियों ने बोटा पाथरी इलाके में सेना के वाहन पर उस समय गोलीबारी की जब वह अफरावत रेंज में नागिन चौकी की ओर जा रहा था।
राहुल और प्रियंका ने किया ट्वीट
कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट में लिखा है- “गुलमर्ग (Gulmarg) में सेना के वाहन पर हुए कायराना हमले में हमारे वीर जवानों की शहादत का समाचार अत्यंत दुखद है। हमले में दो पोर्टर्स ने भी अपनी जान गंवा दी। शहीदों को नमन करता हूं और सभी शोकाकुल परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं।”
राहुल गांधी ने आगे लिखा है- “केंद्र की NDA सरकार की नीतियां जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा और शांति स्थापित करने में पूरी तरह से विफल रही हैं। उनके दावों के विपरीत, हकीकत यह है कि प्रदेश निरंतर आतंकी गतिविधियों, हमारे जवानों पर हमलों और नागरिकों की लक्षित हत्याओं के कारण खतरे के साए में जी रहा है।”
कांग्रेस नेता ने कहा कि केंद्र सरकार को तुरंत जवाबदेही लेनी चाहिए और जल्द से जल्द वादी में अमन बहाल कर सेना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने गुलमर्ग (Gulmarg) में हुए आतंकवादी हमले में लोगों की मौत पर शोक जताया और कहा कि इस तरह के आतंकवादी कृत्यों की जितनी भी निंदा की जाए वह कम है।
प्रियंका गांधी ने एक्स पर लिखे पोस्ट में कहा, “जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में हुए आतंकवादी हमले में दो जवानों की शहादत की खबर बेहद दुखद है। हमले में दो कुलियों की भी जान चली गई है।”
ड्रोन और हेलीकॉप्टर से तलाशी
सुरक्षा बलों ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग (Gulmarg) सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू करते हुए ड्रोन और हेलीकॉप्टरों की मदद ली।
सुबह नियंत्रण रेखा और हमले वाली जगह के नज़दीकी इलाकों में तलाशी अभियान चलाया गया। बाद में तलाशी अभियान का दायरा अंदरूनी इलाकों की ओर भी बढ़ा दिया गया।
हमले के पीछे के आतंकवादियों का पता लगाने और उन्हें बेअसर करने के लिए शुरू किए गए तलाशी अभियान में सुरक्षा बल मानवीय और तकनीकी खुफिया जानकारी का भी उपयोग कर रहे हैं।


