डेरा सच्चा सौदा प्रमुख और बलात्कार के आरोपी गुरमीत राम रहीम (Gurmeet Ram Rahim) को पैरोल दी गई है। बुधवार सुबह गुरमीत राम रहीम रोहतक की सुनरिया जेल से बाहर आ गया है। उसकी पैरोल की अवधि 20 दिन की है। जेल अधिकारियों के मुताबिक, पैरोल के दौरान डेरा प्रमुख यूपी के बागपत जिले के बरनावा के अपने आश्रम में रहेंगे।
गुरमीत राम रहीम (Gurmeet Ram Rahim) की पैरोल (Parole) से जुड़ी याचिका को चुनाव आयोग ने सशर्त स्वीकार किया था। गुरमीत राम रहीम ने हरियाणा विधानसभा चुनावों की वोटिंग से ठीक पहले 20 दिन की अस्थायी पैरोल मांगी थी। जिसे हरियाणा सरकार ने राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास विचार के लिए भेजा था। चुनाव आयोग ने तीन शर्तों के तहत हरियाणा सरकार को उसकी अपील स्वीकार करने की इजाजत दी थी।
गुरमीत राम रहीम (Gurmeet Ram Rahim) को मिली पैरोल की शर्त है कि वो किसी तरह कि राजनीतिक गतिविधि में शामिल नहीं होगा। उसे हरियाणा चुनावों (Haryana Election) से दूर रहने के निर्देश दिए गए हैं। वो किसी तरह का प्रचार नहीं करेगा। सोशल मीडिया के जरिए भी कोई अपील नहीं करेगा।
साल 2017 में सजा सुनाए जाने के बाद ये 11वीं बार है जब गुरमीत राम रहीम (Gurmeet Ram Rahim) को पैरोल या फरलो पर रिहा किया गया है। इससे पहले उसे 13 अगस्त को 21 दिन की फरलो दी गई थी।
गुरमीत राम रहीम (Gurmeet Ram Rahim) को मिली पैरोल पर कांग्रेस (Congress) ने आपत्ति जताई है। कांग्रेस के कहना है कि राम रहीम की हरियाणा में जबरदस्त फॉलोइंग है। वो इसका इस्तेमाल कर चुनावों में कर सकता है।


