श्रीलंका में हाल ही में चुनाव हुए हैं। चुनाव में वामपंथी नेता अनुरा कुमारा दिसानायके राष्ट्रपति चुने गए हैं। दिसानायके ने पद संभालने के बाद हरिनी अमरसूर्या (Harini Amarasuriya) को श्रीलंका के 16वें प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त किया है।
दिसानायके के राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने के एक दिन बाद मंगलवार को श्रीलंकाई राजनेता हरिनी अमरसूर्या (Harini Amarasuriya) ने देश के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली है। अमरसूर्या को न्याय, उद्योग, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य और निवेश विभाग का जिम्मा भी सौंपा गया है।
हरिनी अमरसूर्या (Harini Amarasuriya) श्रीलंका में साल 2000 के बाद यह पद संभालने वाली पहली महिला हैं। बता दें कि श्रीलंका में अभी तक केवल तीन महिलाओं ने इस पद को संभाला है। भारत के साथ हरिनी अमरसूर्या (Harini Amarasuriya) का पुराना संबंध है।
हरिनी अमरसूर्या के बारे में-
हरिनी अमरसूर्या (Harini Amarasuriya) का जन्म 6 मार्च 1970 को जन्म हुआ था। श्रीलंका में 24 साल बाद देश को महिला प्रधानमंत्री मिली है। अमरसूर्या पेशे से प्रोफेसर हैं और एक विश्वविद्यालय में पढ़ाती रही हैं। साथ ही वह एक समाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता भी हैं।
हरिनी अमरसूर्या (Harini Amarasuriya) समाजिक कार्यकर्ता और विश्वविद्यालय लेक्चरर के रूप में अपने काम के लिए जानी जाती हैं। अमरसूर्या ने श्रीलंका में सामाजिक न्याय और शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनकी नियुक्ति न केवल राजनीति में महिलाओं के लिए एक सफलता का प्रतिनिधित्व करती है, बल्कि प्रगतिशील नेतृत्व और सुधार पर NPP के दावों पर भी मुहर लगाती है।
हरिनी की शैक्षणिक योग्यताओं के बारे में बात करें तो वह समाजशास्त्र में ग्रेजुएट हैं। उन्होंने B.A. (Hons) की पढ़ाई दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के हिंदू कॉलेज (Hindu College) से की है। M.A (Anthropology and Development Studies) में की है।
हरिनी ने एडिनबर्ग विश्वविद्यालय से PHD (Social Anthropology) में की है। अगर उनके राजनीतिक कार्यकाल की बात की जाए तो वह संसद के रूप में साल 2020 से 2024 के बीच में 269 दिन उपस्थित रहीं और 120 दिन अनुपस्थित रहीं।
बता दें कि अमरसूर्या (Harini Amarasuriya) श्रीलंका में प्रधानमंत्री बनने वाले पहले शिक्षाविद थीं। भारत के साथ अमरसूर्या का पूराना संबंध रहा हैं। इस नियुक्ति को राजनीतिक विशेषज्ञ ऐसे कदम के रूप में देख रहे हैं जो श्रीलंका और भारत के बीच संबंधों को मजबूत कर सकता है।


