हरियाणा विधानसभा चुनावों के लिए सभी सियासी दलों ने कमर कस ली है. चुनाव की तारीख को लेकर बीजेपी और इंडियन नेशनल लोकदल को परेशानी थी. उनकी परेशानी का हल निकला या नहीं, आइए जानते हैं.
हरियाणा विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी तापमान चढ़ा हुआ है. बीजेपी और कांग्रेस दोनों आमने सामने की टक्कर को तैयार हैं. विधानसभा चुनावों का रिजल्ट क्या निकलता है, ये समय के साथ पता चलेगा. फिलहाल चुनाव की तारीखों को लेकर घमासान छिड़ा हुआ था. दरअसल चुनाव आयोग ने हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए 1 अक्टूबर को वोटिंग और 4 अक्टूबर को वोटों की गिनती तय की थी. लेकिन सत्ता पर बैठी बीजेपी और इंडियन नेशनल लोकदल को तारीखों में कुछ खामी नजर आई और उनकी तरफ से डेट को बदलने की मांग उठने लगी. चुनाव की तारीख बदलने के पीछे बीजेपी ने छुट्टियों का हवाला दिया था. वहीं कांग्रेस का दावा था कि लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की बढ़त को देखकर बीजेपी डर गई है और चुनावों से पीछे हट रही है.
हरियाणा चुनावों में क्या है छुट्टियों का खेल ?
इंडियन नेशनल लोकदल के नेता अभय सिंह चौटाला ने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर अपील की थी. पत्र में बताया गया था कि वोटिंग से पहले 28 और 29 सितंबर को शनिवार और रविवार है, इसके बाद 1 अक्टूबर को वोटिंग के लिए अवकाश है, उसके बाद 2 अक्टूबर को गांधी जयंती और 3 अक्टूबर को महाराजा अग्रसेन जयंती है. ऐसे में वोटर लंबी छुट्टियों पर राज्य से बाहर जा सकते हैं. इसका असर वोटिंग पर भी देखने को मिल सकता है. कुछ यही कहना बीजेपी का भी था.
आयोग ने क्या जवाब दिया
हालांकि अभी चुनाव आयोग ने अधिकारिक जवाब नहीं दिया है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि चुनाव पहले से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही होंगे. 1 अक्टूबर को ही मतदान होगा और 4 अक्टूबर को वोटों की गिनती होगी.


