उत्तर प्रदेश के हाथरस (Hathras) जिले में 9 साल के एक बच्चे की हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। इस हत्या के पीछे तंत्र-मंत्र और काले जादू का मामला सामने आया है।
हाथरस पुलिस (Hathras Police) के अनुसार, स्कूल के प्रबंधक का पिता एक तांत्रिक है और इन लोगों का मानना था कि किसी बच्चे की बलि देने से उनके स्कूल की तरक्की होगी। इसी अंधविश्वास के चलते कक्षा दो में पढ़ने वाले छात्र कृतार्थ की हत्या कर दी गई।
इसके बाद प्रबंधक छात्र कृतार्थ के शव को अपनी कार में रखकर ठिकाने लगाने के लिए जा रहा था, लेकिन परिजनों ने रास्ते में ही उसकी गाड़ी को रोक लिया। कार से छात्र का शव बरामद किया गया।
हाथरस (Hathras) पुलिस ने इस मामले में स्कूल के प्रबंधक, उसके पिता और तीन अन्य लोगों को गिरफ्तार कर हत्या की गुत्थी सुलझा ली है।
हाथरस (Hathras) जिले के सहपऊ क्षेत्र के गांव रसगवां स्थित डीएल पब्लिक स्कूल में कक्षा 2 का छात्र कृतार्थ हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहा था। सोमवार की सुबह स्कूल के प्रबंधक दिनेश बघेल ने कृतार्थ के परिवार को सूचना दी कि उसकी तबीयत खराब हो गई है।
हाथरस (Hathras) के एएसपी अशोक कुमार सिंह के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि जब हॉस्टल में सभी बच्चे सो रहे थे, तब रात करीब 12 बजे शिक्षक रामप्रकाश सोलंकी छात्र कृतार्थ के पास पहुंचा और उसे सोते हुए गोद में उठाकर बाहर ले आया।
इस दौरान कृतार्थ की आंख खुल गई और वह रोने लगा। रामप्रकाश ने उसके मुंह को दबा दिया और उसे नीचे ले गया। फिर प्रधानाचार्य कक्ष के बाहर तख्त पर लिटाकर छात्र का गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
इस घटना के दौरान कंप्यूटर शिक्षक वीरपाल उर्फ वीरू और प्रधानाचार्य लक्ष्मण सिंह वहां खड़े होकर निगरानी कर रहे थे।
पुलिस के मुताबिक, प्रबंधक दिनेश बघेल का पिता जशोधन भगत तंत्र-मंत्र में लिप्त था। तंत्र-मंत्र और बलि की आड़ में उसने छात्र कृतार्थ (kritarth) की हत्या कर दी।
हाथरस (Hathras) पुलिस के मुताबिक, दिनेश बघेल और उसके पिता जशोधन ने इस हत्या को इसलिए अंजाम दिया क्योंकि उनका मानना था कि बच्चे की बलि देने से उनके स्कूल और व्यवसाय में तरक्की होगी। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी उन्होंने ऐसी वारदात को अंजाम देने की कोशिश की थी, लेकिन तब वे सफल नहीं हो सके थे।


