Hemant Soren ने चौथी बार झारखंड के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद ही हेमंत सोरेन एक्शन मोड में नजर आए।
सीएम बनते ही Hemant Soren ने सबसे पहला ऐलान प्रदेश की महिलाओं को लेकर किया। साथ ही उन्होंने मोदी सरकार को भी घेरना शुरू कर दिया है। हेमंत सोरेन की जीत में एक बड़ा योगदान झारखंड की आधी आबादी का रहा है। इसको देखते हुए हेमंत सोरेन ने अपनी पहली बैठक में मंईयां सम्मान योजना की राशि बढ़ाने का ऐलान किया। अब मंईयां सम्मान योजना के तहत प्रत्येक महिला लाभार्थी को 2,500 रुपए महीने दिया जाएगा।
आपको बता दें कि मंईयां सम्मान योजना के तहत हेमंत सरकार 18-50 साल की महिलाओं को 1,000 रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान करती थी। जिसे अब बढ़ाकर 2500 रुपए कर दिया गया है। हेमंत सरकार ने इस साल चुनाव से ठीक पहले अगस्त महीने में मंईयां सम्मान योजना की शुरुआत की थी। झारखंड सरकार के आंकड़ों के मुताबिक इस योजना से प्रदेश की 50 लाख से अधिक महिलाओं को लाभ मिलता है।
केंद्र सरकार के खिलाफ हेमंत सरकार उठाएगी कानूनी कदम
इसके साथ ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार के खिलाफ कानूनी कदम उठाने का फैसला किया है। हेमंत सोरेन ने केंद्र से 1.36 लाख करोड़ रुपए रिलीज करने की मांग की है। हेमंत सरकार ने केंद्र सरकार से 2005 से राज्य के खनिजों पर कुल 1,36,000 करोड़ रुपए की रॉयल्टी मांगी है। आपको बता दें कि हेमंत सोरेन ने चुनाव के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी को चट्ठी लिखकर राज्य के कोयला बकाया राशि की मांग की थी।
सीएम Hemant Soren ने बीजेपी के विधायकों से भी अपील की थी कि राज्य का बकाया राशि दिलाने में उनकी मदद करें। अब जब हेमंत सोरेन सीएम बन गए हैं तो उन्होंने अलग रुख अपनाया है। उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है। कुछ समय पहले यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा था। सुप्रीम कोर्ट की 9 जजों की संविधान पीठ ने कहा था कि खनिज की रॉयल्टी पर राज्य का ही अधिकार है।
छात्रों के लिए जारी होगा परीक्षा कैलेंडर- Hemant Soren
हेमंत सरकार ने छात्रों के लिए भी अहम फैसला लिया है। उन्होंने राज्य में नियुक्ति प्रक्रिया तेज करने की बात कही है। झारखंड सरकार ने JPSC/JSSC के अंतर्गत होने वाली नियुक्ति प्रक्रिया को तेज करने का फैसला लिया है। राज्य में सभी रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए 01 जनवरी, 2025 से पहले परीक्षा कैलेंडर जारी किया जाएगा।
असम जाएगा झारखंड सरकार का प्रतिनिधिमंडल
Hemant Soren ने असम में काम कर रहे हैं झारखंड के लोगों के बारे में भी अहम निर्णय लिया है। हेमंत सोरेन ने कहा कि असम में वर्षों से रह रहे झारखंड के आदिवासियों को हाशिए पर रखा जा रहा है। वहां बड़ी संख्या में झारखंड के मूल निवासी रहते है। हेमंत सरकार ने निर्णय लिया है कि एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल असम जाकर जमीनी स्थिति की जानकारी लेगी। साथ ही प्रतिनिधिमंडल झारखंड सरकार को अपनी रिपोर्ट भी सौंपेगी।
इंडिया गठबंधन ने 56 सीटों पर दर्ज की जीत
आपको बताते चलें कि 81 सीटों वाली विधानसभा में इंडिया गठबंधन ने 56 सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं एनडीए गठबंधन के खाते में 24 सीटें आईं थी। इसके बाद हेमंत सोरेन ने झारखंड के 14 वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। Hemant Soren ने शपथ ग्रहण कार्यक्रम में अकेले शपथ लिया। ऐसा माना जा रहा है कि फ्लोर टेस्ट के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा। हेमंत सोरेन के शपथ ग्रहण समारोह में इंडिया गठबंधन ने शक्ति प्रदर्शन किया था। आपको बताते चलें कि मुख्यमंत्री का रास्ता हेमंत सोरेन के लिए आसान नहीं रहा।
Hemant Soren को कथित जमीन घोटाले में जाना पड़ा था जेल
Hemant Soren के लिए 2024 की शुरुआत कुछ अच्छी नहीं थी। उन्हें कथित जमीन घोटाले के मामले में जेल जाना पड़ा था। जेल जाने से पहले हेमंत सोरेन को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा भी देना पड़ा था। इसके बाद जेएमएम के नेता चंपई सोरेन को मुख्यमंत्री बनाया गया। पार्टी के वफादार नेता माने जाने वाले चंपई सोरेन ने भी बगावत कर दी और चुनाव से पहले JMM छोड़कर BJP का दामन थाम लिया।
हेमंत सोरेन की भाभी सीता सोरेन भी बीजेपी में शामिल हो गई। हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना को मुख्यमंत्री बनाने को लेकर जेएमएम में अंदरूनी मतभेद भी देखने को मिला था। लेकिन तमाम मुश्किलों के बाद भी हेमंत ने हार नहीं मानी और आखिरकार एक बार फिर वो मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।


