झारखंड में Hemant Soren सरकार ने अपनी कैबिनेट का विस्तार किया है। कैबिनेट विस्तार में कुल 11 विधायकों को झारखंड कैबिनेट में शामिल किया गया है।
झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई है। शपथ ग्रहण कार्यक्रम राजभवन में आयोजित किया गया था। 11 नए मंत्रियों में झारखंड मुक्ति मोर्चा के 6, कांग्रेस के 4 और राष्ट्रीय जनता दल के 1 विधायक को मंत्री बनाया गया है। कुल 11 मंत्रियों में से पांच विधायक पहली बार मंत्री बने है।
कांग्रेस कोटे से 4 विधायक बने मंत्री
आपको बता दें कि कांग्रेस कोटे से 4 विधायक मंत्री बनाए गए हैं। कांग्रेस के विधायक राधाकृष्ण किशोर (66) ने सबसे पहले मंत्री पद की शपथ ली। Hemant Soren सरकार में राधा कृष्ण सबसे वरिष्ठ मंत्री हैं। राधाकृष्ण किशोर अर्जुन मुंडा सरकार में भी एक बार मंत्री भी रह चुके हैं। कांग्रेस कोटे से विधायक शिल्पी नेहा तिर्की हेमंत सरकार की कैबिनेट में सबसे युवा चेहरा है। उन्होंने मांडर सीट से दूसरी बार जीत दर्ज की है। कांग्रेस विधायक दीपिका पांडेय सिंह ने पांच महीने में दूसरी बार मंत्री पद की शपथ ली है। कांग्रेस के विधायक इरफान अंसारी को भी मंत्री बनाया गया है। इरफान अंसारी दूसरी बार मंत्री बनाए गए हैं।
JMM के 6 विधायक को बनाया गया मंत्री
चाईबासा के जेएमएम विधायक दीपक बिरुआ ने तीसरी बार मंत्री पद की शपथ ली है। इससे पहले दीपक बिरुआ चंपई सोरेन और हेमंत सोरेन के कैबिनेट में मंत्री रह चुके हैं। जेएमएम के चमरा लिंडा पहली बार मंत्री बने हैं। चमरा लिंडा बड़े आदिवासी नेता हैं। जेएमएम के विधायक सुदिव्य कुमार सोनू भी पहली बार मंत्री बनाए गए हैं। कोल्हान से आने वाले रामदास सोरेन दूसरी बार मंत्री बनाए गए हैं। रामदास सोरेन हेमंत सोरेन के कैबिनेट में भी मंत्री रह चुके हैं। जेएमएम के विधायक हफीजुल अंसारी चौथी बार मंत्री पद की शपथ ली है। जेएमएम के नेता योगेंद्र प्रसाद पहली बार मंत्री बनाए गए हैं।
RJD कोटे से बने एक मंत्री
इंडिया गठबंधन में शामिल राजद के भी एक विधायक को मंत्री बनाया गया है। राजद से विधायक संजय प्रसाद यादव को हेमंत सोरेन सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। आपको बता दें कि संजय प्रसाद यादव झारखंड प्रदेश राजद के महासचिव भी हैं।
आपको बता दें कि 28 नवंबर 2024 को Hemant Soren ने झारखंड के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। हेमंत सोरेन के साथ किसी भी विधायक ने शपथ नहीं ली थी। इसके बाद से ही लगातार कयास लगाए जा रहे थे कि कौन से विधायक मंत्री बनने वाले हैं।


