Commonwealth Games का आयोजन साल 2026 में ग्लासगो में होने वाला है।
आगामी Commonwealth Games में भारत की पदक जीतने की संभावना कम होती हुई नजर आ रही है। कॉमनवेल्थ गेम्स के इस संस्करण में सिर्फ 10 तरह के खेल ही खेले जाएंगे। यह निर्णय बजट को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। 23वें Commonwealth Games का आयोजन 23 जुलाई से 2 अगस्त 2026 के बीच में स्कॉटलैंड के ग्लासगो में होगा। ग्लासगो में 12 साल बाद Commonwealth Games का आयोजन हो रहा है।
भारत को लगा बड़ा झटका
भारत के नजरिए से देखें तो कॉमनवेल्थ गेम्स में हुए इस बदलाव से भारत के पदक घटने की संभावना जताई जा रही है। भारत के लिए महत्वपूर्ण खेल जैसे हॉकी, बैडमिंटन, क्रिकेट, शूटिंग और कुश्ती सभी को कॉमनवेल्थ गेम्स से हटा दिया गया है। राष्ट्रमंडल खेल महासंघ (CGF) ने खेलों में कटौती की पुष्टि की है। आपको बता दें कि 2022 के बर्मिंघम संस्करण में 19 तरह के खेल खेले गए थे। जबकि ग्लासगो 2026 में केवल 10 तरह के ही खेल होंगे।
भारत ने शूटिंग में जीता है 135 पदक
Commonwealth Games में बदलाव होने के कारण भारत की चिंता बढ़ गई है। कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का प्रदर्शन ऐतिहासिक रूप से मजबूत रहा है। भारत ने अब तक हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में शूटिंग में 135 पदक (63 स्वर्ण) जीते हैं। वहीं कुश्ती में भारत ने 114 पदक जीते हैं। हॉकी में भारतीय पुरुष टीम ने तीन रजत और दो कांस्य पदक जीते हैं। बैडमिंटन में भारत ने 31 पदक (10 स्वर्ण, 8 रजत,13 कांस्य) जीते हैं। इन खेलों के कॉमनवेल्थ गेम्स से हटने के कारण भारतीय टीम को बड़ा नुकसान होते हुए दिख रहा है।
ऑस्ट्रेलिया ने मेजबानी से कर दिया था मना
ऑस्ट्रेलिया के राज्य विक्टोरिया को कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी का अधिकार मिला था। लेकिन वित्तीय संकट के कारण उसने मेजबानी करने से मना कर दिया। इसके बाद ग्लासगो को मेजबानी करने का मौका मिला। CGF ने खेलों की नई सूची में एथलेटिक्स, तैराकी, जिमनास्टिक्स, ट्रैक साइक्लिंग, वेटलिफ्टिंग, मुक्केबाजी और जूडो जैसे खेलों को शामिल किया है।


