झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार राज्य में खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रति प्रतिबद्ध है। सरकार का लक्ष्य है कि वो युवा खिलाड़ियों को बेहतर ट्रेनिंग और सहूलियत देकर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय लेवल के लिए तैयार करें। इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए हेमंत सोरेन सरकार ‘झारखंड खेल नीति’ (Jharkhand Sports Policy) को लागू कर रही है।
झारखंड सरकार (Jharkhand Government) की खेल नीति के तहत खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने के लिए उन्हें 6 हजार रुपये की छात्रवृति दी जाएगी। पूर्व खिलाड़ियों को 10 हजार रुपये की पेंशन (Pension) देने का भी प्रावधान रखा गया है।
खेल भावना को बढ़ाने के लिए राज्य के खेल प्रशिक्षकों को 10 लाख रुपये तक की सम्मान राशि दिए जाने का प्रावधान रखा गया है। उभरते हुए खिलाड़ियों की पहचान करने के लिए झारखंड सरकार प्रतियोगिताओं का आयोजन भी कर रही है।
झारखंड खेल नीति (Jharkhand Sports Policy) की मुख्य बातें-
- राज्य के सभी बालक, बालिका, और युवाओं के लिए खेल के पर्याप्त अवसर उपलब्ध करवाना।
- प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को चयनित खेल में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त करना।
- खिलाड़ियों की प्रतिभा को पहचान कर उन्हें मौका देना। ताकी वो चैंपियन बन कर राज्य का नाम रौशन कर सकें।
- खिलाड़ियों को छात्रवृति देना।
- पूर्व खिलाड़ियों को पेंशन योजना का लाभ देना।
- खिलाड़ियों में प्रतिभा को बढ़ाने के लिये पंचायत, प्रखंड, जिला और राज्य स्तर पर कार्य करना।
- राज्य के हर ब्लॉक में खेल के मैदानों का विकास करना।
- योजनाबद्ध तरीके से राज्य के खिलाड़ियों के लिये डे-बोर्डिंग, क्रीड़ा किसलय केंद्र, आवासीय खेल विकास केंद्र, एकलव्य खेल अकादमी का विकास करना।
- राज्य में खेल विश्वविद्यालय की स्थापना करना।
- खिलाड़ियों के लिए नौकरी और शिक्षण संस्थान में आरक्षण देना।
- झारखंड के खिलाड़ियों को राज्य स्तर की द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ श्रेणी नौकरी में सीधी भर्ती।
इन प्रावधानों के साथ ‘झारखंड खेल नीति’ (Jharkhand Sports Policy) को 2022 में लागू किया गया था। इस खेल नीति के बाद राज्य में खेल और खिलाड़ियों का स्तर बढ़ा है। साथ ही कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को मौका मिला है, जो बेहतर ट्रेनिंग लेने के बाद आने वाले समय में राज्य का मान बढ़ाएंगे।


