अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनौत (Kangana Ranaut) अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहती हैं। बीते कुछ वक्त पहले उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर बयान दिया, उसके बाद किसान आंदोलन पर बोलीं और फिर कृषि कानून को लेकर अपना मत रखा।
किसान आंदोलन और कृषि कानून को लेकर तो बीजेपी ने कंगना से किनारा तक कर लिया था। कंगना रनौत ने अपने बयान के लिए खेद भी जताया लेकिन कंगना एक बार फिर से चर्चा में हैं।
इस बार कंगना रनौत (Kangana Ranaut) हिमाचल प्रदेश में केंद्र सरकार के एक प्रोजेक्ट का विरोध कर रही हैं। ये प्रोजेक्ट 272 करोड़ रुपए का है।
कंगना रनौत (Kangana Ranaut) हिमाचल की मंडी सीट से बीजेपी सांसद हैं। इस बार कंगना रनौत ने केंद्र सरकार के एक प्रोजेक्ट का विरोध किया है, जो हिमाचल यानी उनके होम स्टेट में बन रहा है।
आपको बता दें कि, कुछ महीने पहले नितिन गडकरी ने हिमाचल प्रदेश के कुल्लू की खराहल घाटी में बिजली महादेव रोपवे का ऐलान किया था। इस प्रोजेक्ट की लागत 272 करोड़ बताई गई है।
दरअसल, कुल्लू की खराहल और कशावरी घाटी के लोग बिजली महादेव मंदिर के लिए प्रस्तावित रोपवे का विरोध कर रहे है। विरोध के चलते स्थानीय ग्रामीणों ने कई बार प्रदर्शन भी किया है।
लोगों का कहना है कि रोपवे बनने से देवता खुश नही हैं। साथ ही लोगों का रोजगार भी बुरी तरह प्रभावित होगा।
लोगों का यह भी कहना है कि इस प्रोजेक्ट के चलते कई पेड़ काटे जाएंगे, जिसके चलते पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचेगा।
कंगना रनौत (Kangana Ranaut) हाल में कुल्लू विधानसभा क्षेत्र के चन्सारी गांव में आयोजित बिजली महादेव मेले में गई थी, जहां उन्होंने जनता से मुलाकात की।
कंगना (Kangana Ranaut) ने लोगों से कहा कि इस प्रोजेक्ट को लेकर वो केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिल चुकी हैं।
कंगना (Kangana Ranaut) ने कहा कि अगर हमारे देवता नहीं चाहते हैं तो ये प्रोजेक्ट बंद होना चाहिए। इसके लिए वो नितिन गडकरी से दोबारा भी मिल सकती हैं।
प्रोजेक्ट से जुड़ी बड़ी बातें
हिमाचल के कुल्लू में मोहल नेचर पार्क है। करीब 6 महीने पहले नितिन गडकरी ने यहां के बिजली महादेव रोपवे का वर्चुअली शिलान्यास किया था। रोपवे को डेढ़ साल में बनाकर तैयार किया जाना है। रोपवे बनने के बाद करीब 36 हजार सैलानी एक दिन में बिजली महादेव पहुंच सकेंगे। इसकी वजह से यहाँ पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
बिजली महादेव मंदिर के बारे में
हिमाचल के कुल्लू जिले में स्थित बिजली महादेव मंदिर के बारे में बात करें तो ये भारत के प्राचीन मंदिरों में से एक है। मंदिर 2460 मीटर की उंचाई पर स्थित है।
मंदिर के नाम को लेकर खास मान्यता भी है। कहा जाता है कि मंदिर पर हर 12 साल में एक बार बिजली गिरती है।
इस घटना के बाद मंदिर मे स्थापित शिवलिंग के टुकड़े हो जाते हैं। मंदिर के पुजारी इन टुकड़ों को इकट्ठा करके उन्हें दाल के आटे, अनाज और मक्खन में मिलाकर फिर से जोड़ते हैं और शिवलिंग को स्थापित किया जाता है।
इस मंदिर की महिमा बहुत ज्यादा है इसलिए देश-दुनिया से लोग यहां दर्शन करने पहुंचते हैं।


