झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा (Madhu Koda) को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। अदालत ने कोयला घोटाला मामले में मधु कोड़ा को मिली सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है।
मधु कोड़ा (Madhu Koda) साल 2006 से 2008 के बीच झारखंड के मुख्यमंत्री रहे थे। सीबीआई कोर्ट ने कोड़ा को भ्रष्टाचार के आरोप में दोषी ठहराया था।
कोयला घोटाला मामले में दोषी मधु कोड़ा (Madhu Koda) ने चुनाव लड़ने के लिए अपनी सजा को निलंबित करने की मांग की थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनकी अर्जी खारिज कर दी है।
जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस पीवी संजय कुमार की बेंच ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा जिसमें कोड़ा की सजा को निलंबित करने से इनकार कर दिया गया था।
अब शीर्ष अदालत के इस फैसले के बाद मधु कोड़ा (Madhu Koda) झारखंड में आगामी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।
हालांकि, शुक्रवार को इस मामले में सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मधु कोड़ा को उनकी लंबित अपील पर शीघ्र सुनवाई की मांग करने की छूट दी है।
7 साल पहले दोषी ठहराए गए थे कोड़ा
दिल्ली की एक अदालत ने साल 2017 में कोयला घोटाला मामले में भ्रष्टाचार के लिए मधु कोड़ा को दोषी ठहराया था। ट्रायल कोर्ट ने इस मामले में कोड़ा को तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद उन्होंने ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए अपील दायर की और अपील लंबित रहने के दौरान उन्हें जमानत मिल गई।
बाद में उन्होंने सजा को निलंबित करने के लिए याचिका दायर की ताकि वे झारखंड में आगामी विधानसभा चुनाव लड़ सकें। क्योंकि तीन साल की सजा का मतलब था कि वे चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हो गए थे।
दिल्ली हाई कोर्ट ने ऐसी ही एक याचिका को साल 2020 में खारिज कर दिया था। कोड़ा ने इस साल मई में इसी तरह की राहत की मांग करते हुए एक और याचिका दायर की, जिसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।


