इन दिनों कंगना रनौत (Kangana Ranaut) की फिल्म ‘Emergency‘ काफी चर्चा में है। फिल्म की रिलीज डेट 6 सितंबर थी। लेकिन अभी तक फिल्म को सेंसर सर्टिफिकेट नहीं मिला है। फिल्म से पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) की हत्या के सीन को हटाने की मांग हो रही है। ऐसे में अब फिल्म के गीतकार मनोज मुंतशिर (Manoj Muntashir) ने मोर्चा संभाला है। मनोज मुंतशिर ने 3 मिनट 32 सेकेंड का एक वीडियो शेयर किया है। मनोज के इस वीडियो को कंगना रनौत ने अपने इंस्टाग्राम से शेयर किया है। वीडियो के साथ ‘Emergency vs Freedom of expression’ का कैप्शन दिया गया है।
फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन की बात करते हैं!
मनोज मुंतशिर का कहना है कि ‘इमरजेंसी 6 सितंबर को रिलीज नहीं होगी। फिल्म को सेंसर सर्टिफिकेट नहीं दिया गया है। लेकिन ये खेल आधा अधूरा क्यों खेला जा रहा है? पूरा खेलना चाहिए। हमसे एक और सर्टिफिकेट छीन लेना चाहिए कि हम अभिव्यक्ति की आजादी का सम्मान करने वाले लोग हैं। अरे छोड़िए ये महानता का ढोंग, एक फिल्म तो हमसे बर्दाशत हो नहीं रही है। फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन की बात करते हैं।’
क्या इंदिरा जी की मृत्यु रोड एक्सीडेंट में हुई थी?
मनोज मुंतशिर वीडियो में आगे पूछते हैं, ‘प्रॉब्लम क्या है इमरजेंसी से? प्रॉब्लम ये है कि इंदिरा गांधी की निर्मम हत्या दिखाई गई है। तो क्या इंदिरा जी की मृत्यु रोड एक्सीडेंट में हुई थी, हत्या नहीं की गई थी? प्रॉब्लम ये है कि इंदिरा गांधी के हत्यारों तो सिख दिखाया गया है… तो क्या सतवंत सिंह और बेअंत सिंह सिख नहीं थे?’ मनोज मुंतशिर आगे कहते हैं ‘प्रॉब्लम ये है कि जरनैल सिंह भिंडरावाले को आतंकवादी बताया गया है। तो क्या हजारों निर्दोषों की हत्या करने वाला वो दरिंदा आतंकवादी नहीं था।’
वीडियो में मनोज मुंतशिर आगे कहते हैं ‘सिख समुदाय को फिल्म के इन हिस्सों पर आपत्ति है। मैं मानने को तैयार नहीं हूं कि इक ओंकार सतनाम बोलकर सच्चाई के लिए बेखौफ खड़े होने वाले सिख किसी फिल्म में दिखाए गए सच से डर गए है। सिख भारतवर्ष के इतिहास का सुनहरा पन्ना हैं। जब सिर पर केसरी पगड़ी बांधकर निकलते हैं तो पूरा देश उन्हें इज्जत से देखता है। क्योंकि उस पगड़ी की हर सिलवट से हमारे महान गुरुओं का शौर्य झलकता है। सिखों की शिनाख्त जरनैल सिंह भिंडरावाले से की जाएगी?’
कंगना रनौत को कोर्ट ले जाइये
वीडियो में मनोज मुंतशिर कहते, ‘आगे बढ़िए और कंगना रनौत से आपको जो भी शिकायतें हैं, उन्हें अदालतों में ले जाइये, उनका फैसला कानून करेगा। लेकिन ये फिल्म अकेले कंगना की नहीं है। 500 लोगों के क्रू ने अपना पसीना बहाकर फिल्म बनाई है। उनके साथ आपके रहते नाइंसाफी नहीं होनी चाहिए. कहिए कि ये दबाव राजनैतिक है, नैतिक नहीं।’
मनोज मुंतशिर ने आगे कहा, ‘सेंसर बोर्ड पर आपके नाम से जो दबाव बनाया जा रहा है, उसकी निंदा कीजिए। कुछ डरे सहमे हुए लोग पूरी कौम को रिप्रेजेंट नहीं करते। कहिए कि आपकी सच्चाई ना किसी फिल्म की मोहताज है ना किसी फिल्म से डरती है। रिलीज के बाद अगर आपको लगे कि फिल्म में कुछ गलत दिखाया गया है, तो उसका विरोध कीजिए, मैं भी आपके साथ खड़ा रहूंगा. हमने आपकी मानवता और न्याय वेदना पर हमेशा विश्वास किया है। हम जानते हैं कि सिखों की बुलंद दहाड़ों से कभी औरंगजेब के कानों के पर्दे फट जाते थे। वो सिख कभी किसी दूसरे की आवाज को दबाने के हक में खड़े नहीं हो सकते’।
अपने 3 मिनट 32 सेकेंड के वीडियो संदेश में मनोज मुंतशिर ने सिख समुदाय की काफी प्रसंशा की है। आपको बता दें कि फिल्म का ट्रेलर 14 अगस्त को रिलीज किया गया था। जिसके बाद पंजाब में फिल्म का विरोध शुरू हो गया। सिख संगठनों ने कहा कि इमरजेंसी फिल्म में सिखों की गलत छवि दिखाई गई है। जिसके बाद सेंसर बोर्ड ने फिल्म का सेंसर सर्टिफिकेट रोक दिया। ऐसे में इमरजेंसी फिल्म अब कब रिलीज होगी ये कहना मुश्किल है।


