Bihar से एक अजीबो गरीब मामला सामने आया है। बिहार का शिक्षा विभाग एक बार फिर से सुर्खियों में छाया हुआ है।
शिक्षा विभाग ने एक पुरुष टीचर को मैटरनिटी लीव दे दी है। जिसके बाद इसको लेकर हंगामा मच गया है। वैशाली जिले के महुआ के हसनपुर उच्च माध्यमिक विद्यालय में तैनात टीचर जितेन्द्र कुमार को मैटरनिटी लीव पर छुट्टी दी गई थी।
मैटरनिटी लीव पर गैरहाजिर था शिक्षक
मैटरनिटी लीव यानी गर्भवती होने पर दी जाने वाली छुट्टी। इसी लीव पर शिक्षक कई दिनों तक स्कूल से गैरहाजिर रहे। जिसके बाद विभाग में खलबली मच गई और मामले की जांच शुरू की गई। जैसे ही यह जानकारी वायरल हुई, लोगों ने सोशल मीडिया पर मीम बनाने शुरू कर दिए। विभाग को भारी आलोचना झेलना पड़ रहा है।
डाटा एंट्री की गलती थी- BEO
घटना के बारे में जब महकमे को खबर मिली, तो उन्होंने मामले की जांच शुरू की। स्थानीय प्रखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) अर्चना कुमारी ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा कि ऐसा तकनीकी गड़बड़ी के कारण हुआ है। उन्होंने बताया कि सरकारी पोर्टल पर छुट्टी के आवेदन अपलोड करते समय मैटरनिटी लीव की एंट्री हो गई, जो पुरुष शिक्षक के लिए गलत थी। अर्चना कुमारी ने यह भी कहा कि यह एक डाटा एंट्री की गलती थी और इसे सुधार लिया जाएगा।
शिक्षा विभाग ने गड़बड़ी खेद व्यक्त किया
इस मामले पर बिहार के शिक्षा विभाग का मत भी सामने आया है। शिक्षा अधिकारी ने इस गड़बड़ी के लिए खेद व्यक्त किया है। अधिकारियों ने बताया कि शिक्षा विभाग के पोर्टल पर छुट्टी की जानकारी का कारण डालने में तकनीकी खराबी सामने आई है। जिस वजह से किसी पुरुष के लिए छुट्टी के आवेदन में मैटरनिटी लीव एंट्री हो गया है। विभाग इस गलती को तुरंत ठीक कर देगा। हालांकि, इस घटना ने शिक्षा विभाग के व्यवस्था का मजाक बना दिया है। विभाग अब डैमेज कंट्रोल में जुटा हुआ है।
पुरुषों के लिए होता है पैटरनिटी लीव
आपको बता दें कि पुरूषों के लिए पैटरनिटी लीव का प्रावधान होता है। सरकारी विभागों में पैटरनिटी लीव लेने वाले पुरुष शिक्षकों को पहले स्वीकृति लेनी होगी। उन्हें छुट्टी शुरू होने से कम से कम 7 दिन पहले अपना आवेदन जमा करना होगा। आवेदन में अपने बच्चे के जन्म की तारीख और छुट्टी की अवधि का उल्लेख करना होता है।
इसके अलावा चाइल्ड केयर लीव लेने वालों को भी पहले से ही अनुमति लेनी होती है। उन्हें छुट्टी शुरू होने से कम से कम 7 दिन पहले अपने एप्लीकेशन जमा करना होता है। आवेदन में उन्हें अपने बच्चे की देखभाल की जिम्मेदारी के कारण छुट्टी लेने की जरूरत का ब्योरा देना होता है।


