केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान (Chirag Paswan) की सिक्योरिटी बढ़ा दी गई है। अब उन्हें जेड कैटेगरी की सुरक्षा दी गई है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने चिराग पासवान (Chirag Paswan) को जेड कैटेगरी की सुरक्षा देने का निर्णय किया है। बता दें कि चिराग पासवान (Chirag Paswan) को पहले वाई प्लस कैटेगरी की सुरक्षा मिली हुई थी। केंद्र की मोदी सरकार में चिराग पासवान खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हैं। वाई प्लस कैटेगरी की सुरक्षा में चिराग पासवान को SSB के कमांडो सुरक्षा प्रदान करते थे।
केंद्रीय मंत्रियों की हर 6 महीने में सुरक्षा की समीक्षा की जाती है। चिराग पासवान को अब जेड कैटेगरी की सुरक्षा मिलने के बाद उन्हें CRPF सुरक्षा मुहैया कराएगी। जेड कैटेगरी की सुरक्षा के तहत, चिराग पासवान (Chirag Paswan) की सुरक्षा में 22 जवान तैनात होंगे। जेड कैटेगरी की सुरक्षा के अंतर्गत 10 स्टैटिक गार्ड चिराग पासवान के घर पर मौजूद रहेंगे।
चिराग पासवान (Chirag Paswan) की सुरक्षा में 12 कमांडो 3 शिफ्ट में काम करेंगे। वहीं वॉचर्स शिफ्ट में दो कमांडो मौजूद रहेंगे। केंद्रीय मंत्री की सुरक्षा में 3 ड्राइवर चौबीसों घंटे तैनात रहेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 10 अक्टूबर से चिराग पासवान (Chirag Paswan) को जेड कैटेगरी का सुरक्षा कवर दिया गया है।
कैसे तय होती है सिक्योरिटी?
आपको बता दें कि देश के VVIP और राजनेताओं को जान का खतरा होता है, इसलिए उन्हें सिक्योरिटी दी जाती है। इस सुरक्षा को लेने के लिए सरकार के पास एप्लीकेशन देनी होती है। जिसके बाद सरकार खुफिया एजेंसियों के जरिए होने वाले खतरे का अंदाजा लगाती है। खतरे की बात कंफर्म होने पर ही सुरक्षा प्रदान की जाती है। होम सेक्रेटरी, डायरेक्टर जनरल और चीफ सेक्रेटरी की कमेटी तय करती है कि संबंधित लोगों को किस कैटेगरी की सुरक्षा देनी है।
कितने तरह की होती है सिक्योरिटी?
सुरक्षा व्यवस्था को भी कई श्रेणियों में बांटा गया है। जैसे एक्स, वाई, वाई प्लस, जेड, जेड प्लस और एसपीजी सुरक्षा। पुलिस के साथ-साथ कई एजेंसीज VIP और VVIP को सुरक्षा कवर देती हैं। इनमें स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप, एनएसजी, आईटीबीपी और सीआरपीएफ शामिल हैं। हालांकि, खास लोगों की सुरक्षा का जिम्मा एनएसजी (NSG) के कंधों पर ही होता है।
X कैटेगरी की सुरक्षा में 2 सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाते हैं। साथ ही एक पीएसओ भी होता है। वहीं Y कैटेगरी की सुरक्षा में इसमें कुल 8 सुरक्षाकर्मी शामिल होते हैं। जिसमें दो पीएसओ भी होते हैं। बता दें कि इस कैटेगरी में एक से दो कमांडो तैनात होते है। Y+ कैटेगरी सुरक्षा में 11 सुरक्षाकर्मी मिलते हैं। इनमें दो से चार कमांडो और 2 पीएसओ भी शामिल होते हैं। इसके तहत 24 घंटे दिल्ली पुलिस का एक सिपाही बतौर निजी सुरक्षा अधिकारी तैनात रहता है।
वहीं z कैटेगरी की सुरक्षा में 4 से 6 एनएसजी कमांडो सहित कुल 22 सुरक्षागार्ड तैनात होते हैं। जिसमें दिल्ली पुलिस, आईटीबीपी या सीआरपीएफ के कमांडो व स्थानीय पुलिसकर्मी भी शामिल होते हैं।
आपको बता दें कि स्पेशल प्रोटक्शन ग्रुप (SPG) की सुरक्षा के बाद z+ भारत की दूसरी सबसे बड़ी सुरक्षा श्रेणी है। इसमें किसी व्यक्ति की सुरक्षा में 36 जवान तैनात किए जाते हैं। इस श्रेणी में 10 से ज्यादा NSG कमांडो के साथ दिल्ली पुलिस, आईटीबीपी या सीआरपीएफ के कमांडो और राज्य के पुलिसकर्मी भी शामिल होते हैं।
भारत के प्रधानमंत्री को स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) की सुरक्षा मिलती है। ये देश में सुरक्षा श्रेणियों का हाई लेवल है। कुछ परिस्थितियों में प्रधानमंत्री के परिवार को भी SPG की सुरक्षा दी जाती है।


