भारत में मंकीपॉक्स (Monkey Pox) या एमपॉक्स (MPOX) का पहला संदिग्ध मामला सामने आया है। मरीज एक युवक है जो हाल ही में एमपॉक्स से प्रभावित देश से लौटा है। बीमारी के लक्षण दिखाई देने के बाद उसे अस्पताल में आइसोलेशन में रखा गया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (MOHFW) ने रविवार को कहा कि संदिग्ध मरीज की हालत स्थिर है। उसे एमपॉक्स(MPOX) है या नहीं, इसकी जांच के लिए नमूने भेजे गए हैं। मंत्रालय ने कहा कि चिंता करने की कोई बात नहीं है। प्रोटोकॉल के तहत उस व्यक्ति के संपर्क में आए लोगों की ट्रेसिंग कराई जा रही है।
मंत्रालय ने कहा है कि संदिग्ध व्यक्ति की ट्रैवल हिस्ट्री भी निकाली जा रही है। इस मामले पर नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) नजर बनाए हुए है।

गौरतलब है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बीते 14 अगस्त को मंकीपॉक्स (Monkey Pox) को ग्लोबल पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया है। इसके बाद यह पहला मामला है।
केंद्र सरकार ने दुनिया में मंकीपॉक्स (Monkey Pox) के बढ़ते मामलों के बीच 20 अगस्त को देश के सभी पोर्ट, एयरपोर्ट के साथ पाकिस्तान और बांग्लादेश से सटे बॉर्डर पर अलर्ट जारी किया था।
क्या है मंकीपॉक्स?
मंकीपॉक्स (Monkey Pox) चेचक जैसी एक वायरल बीमारी है। आमतौर इस वायरस से संक्रमण के ज्यादा दुष्प्रभाव नहीं होते हैं, लेकिन कुछ मामलों में यह घातक हो सकता है। इसके चलते फ्लू जैसे लक्षण दिखते हैं और शरीर पर मवाद से भरे घाव हो जाते हैं। यह वायरस ऑर्थोपॉक्सवायरस जीनस फैमिली का ही मेंबर है, जो चेचक (स्मालपॉक्स) के लिए भी जिम्मेदार है।
संक्रमण का खतरा किसे?
मंकीपॉक्स (Monkey Pox) से संक्रमित व्यक्ति के साथ लंबे समय तक संपर्क में रहने वाले लोगों को वायरस की चपेट में आने का खतरा ज्यादा होता है। आमतौर पर यौन मार्गों, घाव के साथ सीधे संपर्क में आने या संक्रमित व्यक्ति के दूषित कपड़े के इस्तेमाल से होता है।
कैसे फैलता है?
संक्रमित जानवरों के संपर्क में रहने से
संक्रमित मनुष्य के संपर्क में रहने से
एक दूसरे को छूने से
यौन संबंध बनाने पर
नजदीक रहकर बात करने या सांस लेने से
अधपके दूषित मांस के सेवन से
मंकीपॉक्स के शुरुआती लक्षण
मंकीपॉक्स के शुरुआती लक्षणों की बात करें तो इनमें त्वचा पर लाल चकत्ते, खरोंच जैसे निशान, लिम्फ नोड्स में सूजन, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द और थकान, बुखार, ठंड लगना आदि शामिल हैं।
टीका उपलब्ध, पर सबको नहीं लगेगा
मंकीपॉक्स (Monkey Pox) का टीका पहले से ही उपलब्ध है। चेचक के टीके को ब्रिटेन, अमेरिका और कनाडा में एमपॉक्स टीकाकरण की मंजूरी दी गई है। अभी सभी को टीके की अनुशंसा नहीं की गई है।


