नेपाल (Nepal) में बारिश और बाढ़ ने तबाही मचा रखी है। पिछले 24 घंटों में बाढ़ और भूस्खलन की वजह से 112 लोगों की जान चली गई है। 100 के करीब लोग घायल हुए हैं और 68 लोग लापता बताए जा रहे हैं। ये आंकड़े नेपाल पुलिस (Nepal Police) और नेपाल सशस्त्र पुलिस बल ने जारी किए हैं।
बाढ़ और भूस्खलन का असर सबसे ज्यादा कावरेपालनचोक जिले में हुआ है। इस जिले में 34 लोगों की जान गई है। उसके बाद ललितपुर में 20 और धादिंग जिले में 15 लोगों की मौत हुई।
भारी बारिश और बाढ़ का प्रभाव कई क्षेत्रों में देखने को मिला है। इनमें काठमांडू, मकवानपुर, सिंधुपालचौक, दोलखा, पाँचथर, भक्तपुर, धनकुटा, सोलुखुम्बु, रामेछाप, महोत्तरी और सुनसरी जिले शामिल हैं।
नेपाल (Nepal) के गृह मंत्री रमेश लेखक ने काठमांडू घाटी में भारी नुकसान की पुष्टि की है। रमेश लेखक ने कहा, ‘नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव अभियान चला रही है।’ इसके साथ ही नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी प्रेस नोट जारी किया है।
पिछले 24 घंटे में काठमांडू में हुई बारिश ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार को काठमांडू में 239.7 मिलीमीटर बारिश हुई। अब से पहले वर्ष 2002 में 177 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। झापा जिले में शुक्रवार को 299 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। नेपाल में अधिकतर जगहों पर रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई है.
बाढ़ और भूस्खलन ने नेपाल (Nepal) के कई हिस्सों में जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। सैकड़ों परिवार विस्थापित हो गए हैं। कई नेशनल हाईवे और सड़क बंद हो गए हैं। सड़क बाधित होने से हजारों यात्री विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए हैं।


