उत्तर प्रदेश में जयप्रकाश नारायण की जंयती पर सियासी गहमागहमी तेज है। योगी सरकार ने सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) को जयप्रकाश नारायण अंतराष्ट्रीय केंद्र (जेपी सेंटर) जाने से रोक दिया है।
यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) का घर यूपी पुलिस ने बैरीकेडिंग करके घेर दिया है। आज सुबह अखिलेश यादव ने अपने घर के बाहर ही एक जीप पर रखी जेपी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद अखिलेश यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अपील की कि वह केंद्र में बीजेपी सरकार से अपना समर्थन वापस लें।
अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने कहा, “बहुत से समाजवादी लोग मोदी सरकार में हैं और इस सरकार को जारी रखने में मदद कर रहे हैं। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी जेपी आंदोलन से निकले हैं। यह नीतीश कुमार के लिए एक मौका है कि वे मोदी सरकार से समर्थन वापस लें। भाजपा एक समाजवादी को जयप्रकाश नारायण के जन्मदिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित करने से रोक रही है।”
वहीं लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने जेपी सेंटर में चल रहे निर्माण कार्य का हवाला देते हुए श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित करने की इजाजत नहीं दी है। LDA ने पत्र में कहा कि “जेपी सेंटर में निर्माण सामग्री अनियोजित तरीके से रखी गई है और बरसात के मौसम के कारण अवांछनीय जीवों की उपस्थिति की संभावना है। साइट को सुरक्षा की दृष्टि से अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के लिए उचित नहीं पाया गया है। बता दें कि अखिलेश यादव को Z-Plus श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है।
यूपी में पिछले साल भी जेपी की जयंती पर अखिलेश यादव को जेपी सेंटर जाने की इजाजत नहीं दी गई थी। पिछले साल लखनऊ विकास प्राधिकरन ने जेपी सेंटर के गेट पर ताला जड़ दिया था। इसके बाद अखिलेश यादव ने 8 फीट का गेट फांदकर जेपी सेंटर में घुस गए थे। और जय प्रकाश नारायण के मूर्ति पर फूल अर्पित किए थे।
इस साल गुरुवार रात को ही अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) जेपी सेंटर पहुंच गए थे। उन्होंने जेपी सेंटर के बाहर से फोटो और वीडियो जारी किया। अखिलेश यादव ने वीडियो में दिखाया कि कैसे उनको रोकने के लिए प्रशासन ने जेपी सेंटर के बाहर टीन की दीवार खड़ी कर दी है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ये है भाजपा राज में आजादी का दिखावटी अमृतकाल है। श्रद्धांजलि न दे पाए जनता इसलिए उठा दी गयी दीवार। भाजपा ने जो रास्ता बंद किया है, वो उनकी बंद सोच का प्रतीक है। भाजपा जय प्रकाश नारायण जी जैसे हर उस स्वतंत्रता सेनानी के लिए अपने मन में दुर्भावना और दुराव रखती है, जिसने भी देश की आजादी में भाग लिया था। ये देश की आजादी में भाग न लेने वाले भाजपाइयों के संगी-साथियों के अंदर का अपराध बोध है, जो उन्हें क्रांतिकारियों की जयंती तक पर लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित नहीं करने देता है। निंदनीय है!


