साहित्य में 2024 का नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize) दक्षिण कोरियाई लेखिका हान कांग (Han Kang) को मिला है।
हान कांग (Han Kang) को यह सम्मान इंसानी जीवन के बिखराव और ट्रॉमा को कहानियों में पिरोने के लिए मिला है।
53 साल की हान कांग (Han Kang) अपनी गहन लेखनी और मानवीय भावनाओं की गहराई को प्रस्तुत करने के लिए जानी जाती हैं।
नोबेल कमेटी ने गुरुवार को इस साल के साहित्य के नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize) विजेता के नाम का ऐलान किया।
कमेटी के मुताबिक, इस साल का साहित्य में नोबेल पुरस्कार हान कांग को उनके गहन काव्यात्मक गद्य के लिए दिया गया है जो ऐतिहासिक त्रासदियों का सामना करता है और मानव जीवन की नाजुकता को उजागर करता है।”
हान कांग (Han Kang) ने अपने उपन्यास ‘ह्यूमन एक्ट्स’ (Human Acts) में ग्वांगजू शहर में हुई एक ऐतिहासिक घटना का जिक्र किया है, जहां वह खुद बड़ी हुई थीं। ग्वांगजू में 1980 में दक्षिण कोरियाई सेना द्वारा किए गए नरसंहार के दौरान सैकड़ों छात्रों और निहत्थे नागरिकों की हत्या कर दी गई थी।
अब तक 121 लोगों को साहित्य का नोबेल (Nobel Prize) मिला है। इसमें केवल 18 महिलाएं हैं। हान कांग ये अवॉर्ड जीतने वाली पहली कोरियाई महिला हैं। रबींद्रनाथ टैगोर अकेले भारतीय हैं जिन्हें यह पुरस्कार 1913 में मिला था।


