Noida News: उत्तर प्रदेश के नोएडा से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है।
नोएडा में एक व्यक्ति ने अपने बेटे को रेप केस से बचाने के लिए फर्जी ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) बनवा लिया। मोहनलाल ने अपने बेटे को बचाने के लिए स्कूल के प्रधानाचार्य के साथ मिलकर एक फर्जी ट्रांसफर सर्टिफिकेट बनवाया था। ट्रांसफर सर्टिफिकेट की मदद से मोहनलाल अपने बेटे को नाबालिग दिखाना चाहता था।
आरोपी कम करवाना चाहता था बेटे की सजा
आपको बता दें कि यह मामला साल 2016 में हुए एक बलात्कार और भयावह हत्या से जुड़ा हुआ है। यूपी पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपने बेटे को नाबालिग बताने के लिए एक स्कूल के प्रधानाचार्य के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए थे। आरोपी मोहनलाल चाहता था कि उसके बेटे को नाबालिग होने के कारण कम से कम सजा मिले।
बलात्कार से जुड़ा हुआ है मामला
यूपी पुलिस ने बताया कि आरोपी मोहनलाल ने अपने बेटे के खिलाफ साल 2016 में दर्ज बलात्कार और हत्या के मामले में नाबालिग होने का दावा करने के लिए फर्जी ट्रांसफर सर्टिफिकेट बनवाया था। इस मामले में पीड़िता के परिवार ने सही दस्तावेज पेश किया। जिसके बाद जांच में पता चला कि मोहनलाल ने अपने बेटे को बचाने के लिए धोखाधड़ी की थी। पुलिस के मुताबिक, मोहनलाल ने कानपुर देहात के एक स्कूल के प्रधानाचार्य नाथुराम के साथ मिलकर यह फर्जी प्रमाण पत्र बनवाया था।
फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर मिली थी कम सजा
इस फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर ही मोहनलाल के बेटे को अदालत से नाबालिग मानते हुए बाल सुधार गृह में भेज दिया था। हालांकि, पीड़िता के परिवार ने सही दस्तावेज पेश किए और इसके बाद मामले की फिर से जांच शुरू हुई। जांच में सामने आया कि मोहललाल ने जानबूझकर अपने बेटे को नाबालिग दिखाने के लिए गलत सर्टिफिकेट तैयार करवाया था।
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
पुलिस ने मोहनलाल को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। इस धोखाधड़ी में साथ देने वाला प्रधानाचार्य नाथुराम अब भी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। इस घटना ने पुलिस के कार्रवाई पर एक बार फिर से सवाल खड़ा कर दिया है। पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि वे दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाने की कोशिश करेंगे।


