लेबनान (Lebanon) में एक के बाद एक हुए सैकड़ों धमाकों से दुनिया सहम गई है। ये धमाके हिजबुल्लाह से जुड़े सदस्यों के पेजर (Pager) में एक साथ विस्फोट होने से हुए हैं।
बताया जा रहा है कि इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्लाह से जुड़े सैकड़ों सदस्यों के पेजर हैक करके उनमें एक साथ विस्फोट कर दिया। इस घटना में अबतक 9 लोग मारे गए हैं जबकि करीब 2800 लोग घायल हुए हैं।
CNN की एक खबर के मुताबिक लेबनान (Lebanon) में हुए इन धमाकों के पीछे इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद (Mossad) का हाथ है। हालांकि, इजरायल (Israel) ने इस घटना पर कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दी है।
इस घटना के बाद दुनिया का ध्यान इस ओर खिंच गया है कि इंटरनेट से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का जाल कैसे आने वाले दिनों में विध्वंस का भी कारण बन सकता है।
लेबनान (Lebanon) की सरकार ने इस घटना के पीछे इजरायल का हाथ होने का आरोप लगाया है और इसका बदला लेने की भी बात कही है।
क्या होता है पेजर?
पेजर (pager) को बीपर या ब्लीपर के रूप में भी जाना जाता है। यह एक छोटा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है, जिसका इस्तेमाल मैसेज भेजने और प्राप्त करने के लिए किया जाता है।
यह डिवाइस अक्सर मेडिकल, बिजनेस और इमरजेंसी सेवाओं में इस्तेमाल होता है। आमतौर पर पेजर एक सीमित संख्या के मैसेज को प्राप्त कर सकता है। पेजर की खासियत यह है कि नेटवर्क कवरेज के बिना काम कर सकता है।
पहली बार पेजर का इस्तेमाल न्यूयॉर्क सिटी में 1950 में हुआ। तब 40 किलोमीटर की रेंज में इसके जरिए मैसेज भेजना मुमकिन था। 1980 के दशक में इसका इस्तेमाल पूरी दुनिया में होने लगा था। साल 2000 के बाद वॉकीटॉकी और मोबाइल फोन ने इसकी जगह ले ली।


