पाकिस्तान (Pakistan) में खैबर पख्तूनख्वा के लोउर कुर्रम इलाके में यात्री वाहनों के काफिले पर हुई गोलीबारी में कम से कम 50 लोग मारे गए हैं।
मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं और 29 लोग घायल हुए हैं। खैबर पख्तूनख्वा में पिछले दो दिनों में यह दूसरा बड़ा आतंकी हमला है।
घटना का ब्यौरा देते हुए खैबर पख्तूनख्वा सरकार के प्रवक्ता बैरिस्टर डॉ. सैफ ने बताया कि पहले पुलिसकर्मियों पर हमला किया गया और फिर दोनों तरफ से यात्रियों के काफिले को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा, ‘काफिले में करीब 200 वाहन थे।’
डॉ. सैफ ने कहा कि सूचना मिलने पर जिला प्रशासन, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि घटना की जांच जारी है।
Pakistan के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने घटना की कड़ी निंदा की और मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।
पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के मीडिया सेल की ओर से एक्स पर की गई एक पोस्ट में उनके हवाले से कहा गया, “निर्दोष यात्रियों पर हमला करना कायरतापूर्ण और अमानवीय कृत्य है।” उन्होंने कहा कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को दंडित किया जाना चाहिए।
खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर ने हमले की निंदा की। उन्होंने मुख्य सचिव, प्रांतीय कानून मंत्री और क्षेत्र के एमएनए और एमपीए के एक प्रतिनिधिमंडल को तत्काल कुर्रम का दौरा करने और वहां की स्थितियों का व्यक्तिगत रूप से आकलन करने और एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
यह घटना बलूचिस्तान और केपी में आतंकवादी हमलों की संख्या में तेज बढ़ोतरी के बीच हुई है।
रिपोर्ट के मुताबिक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) द्वारा 2022 में सरकार के साथ एक नाजुक संघर्ष विराम समझौते को तोड़ने और सुरक्षा बलों को निशाना बनाने का ऐलान करने के बाद हमले बढ़ गए।
मंगलवार (19 नवंबर) को खैबर पख्तूनख्वा में एक बड़े हमले में 12 जवानों की मौत हो गई जबकि छह आतंकवादी मारे गए। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक बन्नू के माली खेल इलाके में एक चौकी को निशाना बनाकर यह हमला किया गया।
इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने एक बयान में कहा कि मंगलवार को, ‘आतंकियों ने बन्नू जिले के मालीखेल क्षेत्र में एक संयुक्त चेक पोस्ट पर हमला करने का प्रयास किया।’
ISPR, पाकिस्तानी सशस्त्र बलों की मीडिया और पब्लिक रिलेशन विंग है।
आईएसपीआर ने कहा कि हमले को प्रभावी ढंग से नाकाम कर दिया गया, लेकिन एक आत्मघाती विस्फोट के कारण चेकपोस्ट की दीवार और आसपास का बुनियादी ढांचा ढह गया। इसके परिणामस्वरूप 10 सैनिक और फ्रंटियर कांस्टेबुलरी के दो जवान शहीद हो गए।
आईएसपीआर ने कहा, “इसके बाद हुई गोलीबारी में छह आतंकियों को जहन्नुम भेजा गया।”


