बिहार सरकार की तरफ से किसानों के लिए खुशखबरी आई है। सरकार किसानों को पपीते की खेती (Papaya Farming) के लिए सब्सिडी (Subsidy) दे रही है जिसका फायदा लेकर किसान अपनी आय को बढ़ा सकते हैं।
भारत कृषि प्रधान देश है। देश की आबादी का करीब 68% हिस्सा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर करता है। नेशनल एग्रीकल्चर और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, देश में 10.07 करोड़ परिवार खेती पर निर्भर हैं। जो कुल परिवारों का 48 फ़ीसदी है। ऐसे में सरकार कृषि क्षेत्र से जुड़े किसानों की सहूलियत के लिए और उनकी आय को बढ़ाने के लिए योजनाएं लाती रहती है। ऐसी एक योजना पपीते की खेती (Papaya Farming) से जुड़ी है।
बिहार सरकार किसानों के लिए पपीता विकास योजना के अन्तर्गत बागवानी योजना चला रही है। बिहार कृषि विभाग के आधिकारिक पोस्ट के मुताबिक बिहार सरकार राज्य में पपीते की खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को 75% की सब्सिडी (Subsidy) दे रही है।
आप पपीते की खेती (Papaya Farming) के लिए मिलने वाली सब्सिडी (Subsidy) का लाभ कैसे उठा सकते हैं ये जानकारी हम आपको देंगे लेकिन पहले इसकी खेती से जुड़ी कुछ खास बातें आपको बता देते हैं।
एक हेक्टेयर में पपीते के करीब 2 हजार पेड़ लगाए जा सकते हैं।
पपीते का स्वस्थ पेड़ एक सीजन में 40 किलो के करीब फल देता है।
पपीते की खेती में प्रति पौधे 20 रुपये की लागत आती है।
एक हेक्टेयर की खेती में 900 क्विंटल तक पपीता पैदा किया जा सकता है।
फल मंडी में पपीते की कीमत 40 से 50 रुपये प्रति किलो तक होती है।
पपीते (Papaya) की खेती में कम पूंजी लगती है और अच्छी फ़सल होती है। किसानों के लिए ये बेहतर आय का स्रोत हो सकता है।
पपीते (Papaya) की खेती के लिए कितनी सब्सिडी (Subsidy) मिलती है
बिहार कृषि विभाग की ओर से आधिकारिक X अकाउंट पर शेयर की गई जानकारी के मुताबिक, बिहार सरकार प्रदेश के किसानों को पपीते की खेती के लिए 75 फीसदी सब्सिडी दे रही है। इसके तहत किसानों को पपीते के पौधे लगाने पर प्रति इकाई लागत का 60,000 रुपये का 75 फीसदी यानी 45,000 रुपये मिलेंगे। ये राशि सीधे किसानों के बैंक अकाउंट में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी।
सब्सिडी पाने के लिए आपको horticulture.bihar.gov.in की वेबसाइट पर जाना होगा। होम पेज पर आपको योजना ऑप्शन को चुनना होगा। इसके आगे बाद आप पपीते की खेती के लिए आवेदन कर पाएंगे। आप रजिस्ट्रेशन के फॉर्म में अपनी जानकारी भर कर ऑनलाइन जमा कर सकते है।


