PIB Fact Check: बीते दिनों एक ख़बर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही थी। इसमें दावा किया जा रहा था कि केंद्र की मोदी सरकार की तरफ़ से मुफ़्त में सोलर आटा चक्की (Solar Atta Chakki Yojana) देने की योजना है। इसकी पुष्टि भी कई वेब पोर्टल कर रहे थे। मगर आपकी जानकारी के लिए ये बात साफ़ कर दें कि ये दावा फर्जी है। ख़ुद भारत सरकार ने इस दावे का खंडन किया है। आइए इस फर्जी ख़बर से पर्दा उठाते हैं।
PIB Fact Check: भारत सरकार आए दिन पब्लिक वेलफेयर के लिए नई-नई योजनाएं लाती रहती है। जिससे देश भर की जनता को लाभ मिलता रहा है। सोशल मीडिया पर आए दिन भारत सरकार की योजनाओं की घोषणा करती रहती है।
लेकिन उन्हीं का हवाला देकर कई ऐसे प्लेटफ़ॉर्म हैं जो या तो झूठी ख़बरें दिखाकर रेवेन्यू कमा रहे हैं। कई ऐसे ठग भी सोशल मीडिया पर जनता को झांसे में लाकर सेंध लगाते हैं।
हालिया दिनों में कई वेबसाइट्स पर ऐसा दावा किया जा रहा था कि भारत सरकार महिलाओं को फ्री सोलर आटा चक्की दे रही है। अलग-अलग यूट्यूब चैनल भी इस बात का दावा कर रहे थे। मगर भारत सरकार की सूचना एजेंसी प्रेस इनफार्मेशन ब्यूरो की तरफ़ से फैक्ट चेक (PIB Fact Check) में इस बात का खंडन किया गया है। पीआईबी (PIB) ने फैक्ट चेक में बताया कि सोशल मीडिया पर फ्री सोलर आटा चक्की देने की बात फर्जी है। भारत सरकार ऐसी किसी योजना की पुष्टि नहीं करती है।
क्या बताया गया था फर्जी दावे में –
फ्री सोलर आटा चक्की योजना के दावे में ये जानकारी फैलाई जा रही थी कि भारत की वो सभी महिला नागरिक जिनके परिवार की सालाना आय 1 लाख 20 हज़ार रुपए से कम है, और जिनकी उम्र 18-60 साल के बीच में है। वो सभी महिलाएं जो 12वीं पास हैं और जिनका खाता आधार से लिंक है। वो सभी महिलाएं इस योजना का लाभ उठा सकती हैं।
पीआईबी (PIB) ने क्या कहा
प्रेस इंफर्मार्मेशन ब्यूरो की ने इस बात का खंडन करते हुए फैक्ट चेक में कहा है कि –
- ये दावा बिल्कुल फर्जी है।
- सरकार कोई भी ऐसी योजना नहीं चला रही है।
- किसी भी तरह के वेबसाइट या फ़ोन कॉल जो आपको फ्री आटा चक्की के नाम पर आपसे बैंक खाता, आधार,पैन या किसी भी तरह की निजी जानकारी मांगते हैं, उनसे बचें।
- किसी भी नम्बर को कॉल आए जो आपसे ऐसी मांग करते हैं, उनको ना कहें। साथ ही फौरन उसकी जानकारी पुलिस को या साइबर फ्रॉड में दर्ज कराएं।


